ब्रेकिंग
अमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिलाजेडीयू की राष्ट्रीय परिषद बैठक में नीतीश कुमार के अध्यक्ष पद पर लगी मुहर, उमेश कुशवाहा को तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष की कमान अमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिलाजेडीयू की राष्ट्रीय परिषद बैठक में नीतीश कुमार के अध्यक्ष पद पर लगी मुहर, उमेश कुशवाहा को तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष की कमान

Bihar News: सिस्टम के आगे जनता लाचार, डॉक्टरों की लापरवाही के चक्कर में गई 14 वर्षीय बच्ची की जान

Bihar News: शिवहर में डीजे की तेज आवाज से 14 वर्षीय बच्ची को हार्ट अटैक, सदर अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से मौत। परिजनों ने की कार्रवाई की मांग, पुलिस जांच शुरू।

Bihar News
सदर अस्पताल का दृश्य
© रिपोर्टर
Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar News: शिवहर के नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 5 में बुधवार देर रात डीजे की तेज आवाज के कारण 14 वर्षीय बच्ची को हार्ट अटैक आया। सदर अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद डॉक्टरों और नर्सों की कथित लापरवाही के कारण बच्ची की मौत हो गई। परिजनों और नगर सभापति ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।


नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 5 में बुधवार देर रात डीजे की तेज आवाज के कारण एक 14 वर्षीय बच्ची को हार्ट अटैक आया। परिजनों ने तुरंत उसे शिवहर सदर अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टरों और नर्सों ने कथित तौर पर कोई इलाज नहीं किया और तमाशबीन बने रहे। नगर सभापति राजन नंदन सिंह ने बताया कि जब वे स्वयं अस्पताल पहुंचे, तब तक बच्ची ने दम तोड़ दिया था। सभापति ने कहा, “अगर डॉक्टरों में थोड़ी सी भी इंसानियत होती, तो शायद बच्ची की जान बच सकती थी।”


परिजनों ने डॉक्टरों और नर्सों की लापरवाही को बच्ची की मौत का कारण बताया है। नगर सभापति राजन नंदन सिंह ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों और नर्सों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। परिजनों ने भी नगर थाना में आवेदन देकर डॉक्टरों की लापरवाही की जांच और कार्रवाई की मांग की है।


घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच के बाद लापरवाही के आरोपों की सत्यता की पुष्टि की जाएगी और उचित कार्रवाई होगी।


बच्ची की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय लोग सरकारी अस्पतालों की लचर व्यवस्था और डॉक्टरों की कथित लापरवाही को लेकर आक्रोशित हैं। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को एक बार फिर अच्छे से उजागर कर दिया है।


रिपोर्ट: समीर कुमार झा, शिवहर