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सरकार का तमाशा: शराबबंदी वाले राज्य में पुलिसकर्मियों को कसम खिलायी गयी कि शराब को हाथ नहीं लगायेंगे

PATNA : बिहार सरकार को ये ही भरोसा नहीं है कि जिन पर शराब को रोकने की जिम्मेवारी है वे खुद शराब नहीं पीते. जी हां, शराबबंदी वाले राज्य में सरकार ने आज पुलिसकर्मियों को शपथ दिल

सरकार का तमाशा: शराबबंदी वाले राज्य में पुलिसकर्मियों को कसम खिलायी गयी कि शराब को हाथ नहीं लगायेंगे
First Bihar
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PATNA : बिहार सरकार को ये ही भरोसा नहीं है कि जिन पर शराब को रोकने की जिम्मेवारी है वे खुद शराब नहीं पीते. जी हां, शराबबंदी वाले राज्य में सरकार ने आज पुलिसकर्मियों को शपथ दिलायी कि वे कभी शराब का सेवन नहीं करेंगे. मजे की बात ये भी है कि हर साल कसम खाने का ये समारोह होता है, जो एक बार खसम खा लेते हैं उन्हें अगले साल फिर से कसम खाने को कहा जाता है.


पुलिसकर्मियों की कसम

नीतीश सरकार के फरमान पर आज पूरे राज्य में पुलिसकर्मियों के कसम खाने का समारोह हुआ. पुलिस मुख्यालय में डीजीपी एस के सिंघल के नेतृत्व में शपथ लेने का कार्यक्रम हुआ. उनकी  अगुआई में पुलिसवालों ने कसल ली कि वे शराब का सेवन नहीं करेंगे. न सिर्फ बिहार में बल्कि बिहार से बाहर जायेंगे तो भी शराब का सेवन नहीं करेंगे.


हर साल कसम खाने की जरूरत क्या

हम आपको बता दें कि सरकार हर साल पुलिसकर्मियों के लिए इस तरह का शपथ ग्रहण आयोजित करती है. यानि सरकार को ये भी भरोसा नहीं है कि जिन्हें एक बार कसम खिला दी वे अपने कसम पर कायम रहेंगे. लिहाजा हर साल उन्हें कसम खिलाने की जरूरत पड़ रही है. बिहार में शराब रोकने का जिम्मा मुख्यतः पुलिसवालों की ही है. सरकार उन्हें ही कसम खिला रही है यानि सत्ता में बैठे लोगों को ये भरोसा नहीं है कि कानून का सम्मान कर पुलिस वाले खुद शराब नहीं पियेंगे.


वैसे आप भी देखिये शपथ की उन पक्तियों को जो सरकार ने पुलिस वालों के लिए तैयार किया है- “मैं अपने जीवनकाल में कभी शराब का सेवन नहीं करूंगा. अगर कभी शराब से जुड़ी गतिविधियों में लिप्त पाया गया तो मैं कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होऊंगा". 


डीजीपी की प्राथमिकता है शराब रोकना

कार्यकारी से पूर्णकालिक डीजीपी बने एसके सिंघल ने शराब नहीं पीने के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में कहा कि शराबबंदी को अमल में लाना उनकी पहली प्राथमिकता है. वे हर हाल में बिहार में शराबबंदी को सही तरीके से लागू करायेंगे.