1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Thu, 15 Jan 2026 11:45:20 AM IST
प्रतिकात्मक - फ़ोटो File
Bihar News: बेंगलुरु में गैस सिलेंडर से हुए दर्दनाक हादसे ने बिहार के सारण जिले के मांझी प्रखंड स्थित गुरदाहां खुर्द गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है। इस हादसे में गांव के दो युवकों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि तीन अन्य युवक अब भी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
मृतकों की पहचान गुरदाहां खुर्द गांव निवासी मुजफ्फर अली और अरबाज अली के पुत्र खलील मियां के रूप में हुई है। बुधवार 14 जनवरी की देर शाम गंभीर रूप से झुलसे मुजफ्फर अली ने दम तोड़ा, जबकि गुरुवार की सुबह खलील मियां की भी इलाज के दौरान मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, 9 जनवरी की सुबह बेंगलुरु में रहकर काम कर रहे एक ही गांव के पांच युवक अपने कमरे में चाय बना रहे थे। इसी दौरान गैस सिलेंडर से अचानक गैस का रिसाव होने लगा। कुछ ही पलों में सिलेंडर में आग लग गई और आग इतनी तेजी से फैली कि सभी युवक उसकी चपेट में आ गए। पूरा कमरा धुएं और आग की लपटों से भर गया, जिससे वहां अफरातफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और साहस दिखाते हुए सभी झुलसे युवकों को बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। युवकों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां सभी को आईसीयू में रखा गया।
चिकित्सकों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में ही दो युवकों की हालत बेहद नाजुक बताई गई थी। लगातार इलाज और प्रयासों के बावजूद मुजफ्फर अली और खलील मियां को बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने बताया कि दोनों के शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस चुका था और संक्रमण तेजी से फैल गया था।
वहीं, हादसे में झुलसे तीन अन्य युवक अभी भी विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत गंभीर लेकिन फिलहाल स्थिर है और वे लगातार निगरानी में इलाजरत हैं। दो युवकों की मौत की खबर जैसे ही गुरदाहां खुर्द गांव पहुंची, पूरे गांव में मातम छा गया। पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर आंख नम है। ग्रामीण शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं। बताया जा रहा है कि सभी युवक बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए बेंगलुरु गए थे, लेकिन एक पल की इस दुर्घटना ने न सिर्फ दो जिंदगियां छीन लीं, बल्कि पूरे गांव को गहरे दर्द में डुबो दिया।