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सहरसा में पुलिस बनकर साइबर ठगी, दिल्ली में बेटी के आपत्तिजनक हालत में पकड़े जाने का डर दिखाकर 1.13 लाख ठगे

सहरसा में साइबर ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर अरविंद कुमार सिंह को डराया और बेटी को दिल्ली में पकड़े जाने की बात कहकर 1.13 लाख रुपये ठग लिए।

बिहार न्यूज
जांच में जुटी पुलिस
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

Saharsa: सहरसा में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सदर थाना क्षेत्र के पंचवटी चौक में किराए के मकान में रह रहे अरविंद कुमार सिंह से साइबर ठगों ने खुद को सदर थाना का पुलिस अधिकारी बताकर 1 लाख 13 हजार 500 रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित बहुरवा, सलखुआ के रहने वाले हैं।


बेटी को दिल्ली में आपत्तिजनक हालत में पकड़े जाने का बनाया डर

पीड़ित ने साइबर थाना में दिए आवेदन में बताया कि 13 मई 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे उनके मोबाइल पर एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को सहरसा सदर थाना का प्रभारी बताते हुए कहा कि उनकी बेटी को दिल्ली के एक होटल में आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया है। ठग ने मामले को रफा-दफा करने के नाम पर तत्काल 8,500 रुपये भेजने को कहा। पुलिस अधिकारी समझकर पीड़ित डर गए और ठग द्वारा भेजे गए यूपीआई स्कैनर पर रकम भेजनी शुरू कर दी।


अलग-अलग बार में ट्रांसफर कराए रुपये

पीड़ित के मुताबिक, उन्होंने पहले 8,500 रुपये, फिर 17 हजार रुपये और इसके बाद अलग-अलग यूपीआई स्कैनर पर 40 हजार और 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इस तरह कुल 1 लाख 13 हजार 500 रुपये ठगों के खाते में चले गए। 15 मई को जब कथित पुलिस अधिकारी का मोबाइल नंबर स्विच ऑफ बताने लगा, तब अरविंद कुमार सिंह को ठगी का एहसास हुआ।


1930 पर शिकायत के बाद साइबर थाने में केस दर्ज

ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 25 अगस्त को सहरसा साइबर थाना में मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी और लेनदेन से जुड़े विवरण की जांच कर रही है। साथ ही आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है।


पुलिस लोगों से अपील करती है कि किसी भी अनजान कॉल पर डरकर पैसे ट्रांसफर न करें। पुलिस या कोई सरकारी एजेंसी फोन पर इस तरह जुर्माना या मामला रफा-दफा करने के नाम पर यूपीआई के जरिए पैसे भेजने को नहीं कहती।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

RITESH HUNNY

FirstBihar संवाददाता