Bihar News: बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य में राजस्व प्रशासन को और अधिक जवाबदेह तथा प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार 25 मई 2026 से 11 जून 2026 तक राज्य के सभी जिलों की प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से समीक्षा की जाएगी। समीक्षा स्वयं मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल द्वारा की जाएगी।
अपर सचिव आजीव वत्सराज द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि प्रत्येक कार्य दिवस में तीन जिलों के साथ अलग-अलग सत्रों में समीक्षा होगी। बैठक तीन पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली शाम 4 बजे से 5 बजे तक, दूसरी पाली 5 बजे से 6 बजे तक तथा तीसरी पाली 6 बजे से 7 बजे तक चलेगी।
सभी डीएम को निर्देश दिया गया है कि वे स्वयं समीक्षा बैठक में शामिल हों तथा बंदोबस्त पदाधिकारी, अपर समाहर्त्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, अंचलाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि समीक्षा के समय सभी अद्यतन प्रतिवेदन उपलब्ध रखने होंगे।
राजस्व विभाग द्वारा जारी कार्यसूची के अनुसार समीक्षा के दौरान ऑनलाइन दाखिल-खारिज के डिफेक्ट चेक और लंबित मामलों के निष्पादन की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा परिमार्जन प्लस के अंतर्गत डिजिटाइज जमाबंदी के शुद्धिकरण और छूटी हुई जमाबंदियों के डिजिटाइजेशन की प्रगति की भी समीक्षा होगी। ई-मापी, अभियान बसेरा और सरकारी भूमि सत्यापन से जुड़े कार्यों की स्थिति भी जांची जाएगी।
वहीं राजस्व महा-अभियान के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों को स्कैन कर अपलोड करने तथा उनकी ऑनलाइन एंट्री की प्रगति को भी समीक्षा में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त लोक भूमि अतिक्रमण से जुड़े मामलों में की गई कार्रवाई, विभागीय जन शिकायत पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के निष्पादन, सहयोग शिविरों में प्राप्त आवेदनों की स्थिति तथा फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान की वर्तमान प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि इस दैनिक मॉनिटरिंग व्यवस्था का उद्देश्य जिलों में लंबित मामलों को तेजी से निष्पादित करना, डिजिटल सेवाओं की गुणवत्ता सुधारना तथा आम लोगों को राजस्व सेवाओं का त्वरित लाभ उपलब्ध कराना है।
25 मई से जिलावार समीक्षा
विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 25 मई को पश्चिम चंपारण, सहरसा और वैशाली जिले की समीक्षा से अभियान की शुरुआत होगी। 26 मई को कटिहार, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज की समीक्षा की जाएगी।
27 मई को सुपौल, रोहतास और पटना जिले की समीक्षा निर्धारित की गई है। 29 मई को गया, जहानाबाद और औरंगाबाद की समीक्षा होगी।
इसके बाद 1 जून को शिवहर, सिवान और बेगूसराय, 2 जून को अररिया, लखीसराय और जमुई, जबकि 3 जून को सारण, नवादा और भागलपुर जिले की समीक्षा की जाएगी।
4 जून को मुजफ्फरपुर, बक्सर और बांका की समीक्षा होगी। वहीं 5 जून को भोजपुर, मधेपुरा और अरवल जिले की समीक्षा निर्धारित की गई है।
8 जून को मुंगेर, पूर्णिया और कैमूर, 9 जून को नालंदा, खगड़िया और समस्तीपुर तथा 10 जून को मधुबनी, किशनगंज और सीतामढ़ी जिले की समीक्षा की जाएगी।
अंतिम चरण में 11 जून को दरभंगा और शेखपुरा जिले की समीक्षा होगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कारणवश किसी दिन बैठक स्थगित होती है तो संबंधित जिले की समीक्षा 11 जून के बाद की तिथि में आयोजित की जाएगी।


