मोतिहारी/चकिया। पूर्वी चम्पारण के चकिया थाना क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। केसरिया रोड स्थित शीतलपुर बाजार के पास एक बेकाबू ट्रक ने स्कूटी सवार तीन बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में 10 वर्षीय छात्र हिमांशु कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी दो बहनें गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मृतक छात्र की पहचान कोयला बेलवा वार्ड नंबर-दो निवासी लखिन्द्र प्रसाद यादव के 10 वर्षीय पुत्र हिमांशु कुमार के रूप में हुई है। हिमांशु चकिया स्थित सेंट थॉमस स्कूल का छात्र था। बताया जा रहा है कि वह अपनी दोनों बहनों के साथ स्कूटी से स्कूल से घर लौट रहा था। इसी दौरान शीतलपुर बाजार के समीप पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक काफी तेज रफ्तार में था और चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा था। देखते ही देखते ट्रक सड़क किनारे पहुंच गया और स्कूटी सवार बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयावह थी कि हिमांशु के सिर में गंभीर चोटें आईं और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे में हिमांशु की दोनों बहनें भी सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग दौड़कर घटनास्थल पर पहुंचे और घायल बच्चियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों की निगरानी में दोनों का इलाज जारी है।
मासूम की मौत से भड़का लोगों का गुस्सा
10 वर्षीय छात्र की मौत की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर आवागमन बाधित कर दिया। देखते ही देखते केसरिया रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शन कर रहे लोग सड़क हादसों पर रोक लगाने और मौके पर वरीय अधिकारियों को बुलाने की मांग कर रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना था कि इस सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाए जाने के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं। लोगों ने प्रशासन से सड़क पर भारी वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने और प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
सड़क जाम और तनाव की सूचना मिलने पर चकिया थानाध्यक्ष धर्मप्रकाश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित लोगों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद लोगों को शांत कराया गया, जिसके बाद सड़क जाम समाप्त हुआ और आवागमन फिर से सामान्य हो सका। चकिया थानाध्यक्ष धर्मप्रकाश कुमार ने बताया कि दुर्घटना में शामिल ट्रक को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
घर में पसरा मातम, गांव में गम का माहौल
हिमांशु की मौत की खबर जैसे ही उसके घर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। बेटे की मौत से माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बच्चे को कुछ घंटे पहले स्कूल भेजा गया था, उसके शव के घर पहुंचने की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। हिमांशु की दोनों बहनें अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है। वहीं, कोयला बेलवा गांव में भी इस हादसे के बाद मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोग मासूम की असमय मौत से बेहद दुखी हैं।
स्थानीय लोगों ने कहा कि सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही से चलने वाले वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों का कहना है कि एक मासूम छात्र की जान चली गई और दो बच्चियां घायल हो गईं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी होगी। फिलहाल पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और पूरे मामले की जांच में जुट गई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में गम और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।





