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किराए का पति, किराए का बच्चा और लग्जरी कार से शराब तस्करी, मोतिहारी में खुला ऐसा खेल कि पुलिस भी रह गई दंग

Bihar Liquor Smuggling Case: मोतिहारी में शराब तस्करी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। यहां एक महिला, एक व्यक्ति और एक बच्चे को “फैमिली” बनाकर अवैध शराब की खेप ले जाई जा रही थी। लेकिन जांच में जो सच सामने आया...

किराए का पति, किराए का बच्चा और लग्जरी कार से शराब तस्करी, मोतिहारी में खुला ऐसा खेल कि पुलिस भी रह गई दंग
Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar Liquor Smuggling Case: बिहार के मोतिहारी जिले से शराब तस्करी का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरानी में डाल दिया है. यहां एक महिला, एक पुरुष और एक बच्चा मिलकर खुद को परिवार बताकर शराब की बड़ी खेप की तस्करी कर रहे थे, लेकिन जांच में पूरा खेल खुल गया.


मामला पूर्वी चंपारण जिले के कोटवा थाना क्षेत्र का है. पुलिस को सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश से एक लग्जरी कार के जरिए शराब की बड़ी खेप बिहार लाई जा रही है. इसी सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग की टीम ने इलाके में सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया.


कुछ देर बाद एक संदिग्ध लग्जरी कार को रोका गया, जिसमें एक महिला, एक पुरुष और एक बच्चा सवार थे. पहली नजर में यह पूरा मामला एक सामान्य परिवार जैसा लग रहा था, जिससे किसी को शक नहीं हुआ.


जांच में खुला शराब तस्करी का राज

जब पुलिस ने कार की तलाशी ली तो सीट के नीचे बनाए गए एक गुप्त तहखाने से भारी मात्रा में शराब बरामद हुई. शराब को बेहद चालाकी से छिपाया गया था, जिसे सामान्य जांच में पकड़ना आसान नहीं था.


इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. शुरुआत में महिला ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और जांच को गलत ठहराने की कोशिश की. लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर पूरा सच सामने आ गया.


किराए का पति और किराए का बच्चा बनाकर किया जा रहा था खेल

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में महिला ने बताया कि कार चला रहा व्यक्ति उसका असली पति नहीं था. उसे केवल तस्करी के लिए ‘किराए का पति’ बनाया गया था. इसी तरह साथ में मौजूद बच्चा भी उसका अपना नहीं था, बल्कि उसे भी साथ रखने के लिए इस्तेमाल किया गया था ताकि रास्ते में कोई शक न करे.


महिला ने खुलासा किया कि इस तस्करी के काम में शामिल लोगों को हर खेप के हिसाब से पैसे दिए जाते थे. उसे 1500 रुपये, ड्राइवर को 2000 रुपये और बच्चे को 500 रुपये दिए जाते थे, ताकि वे एक असली परिवार की तरह दिखें और पुलिस या लोगों को शक न हो.


यूपी से मुजफ्फरपुर तक पहुंचानी थी खेप

जानकारी के मुताबिक, इस बार शराब की यह खेप उत्तर प्रदेश से मुजफ्फरपुर तक पहुंचाई जानी थी. लेकिन कोटवा इलाके में ही उत्पाद विभाग की सतर्कता के चलते पूरा खेल पकड़ा गया.


अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह का असली मास्टरमाइंड कौन है और इसमें और कितने लोग शामिल हैं.


पुलिस की जांच तेज, गिरोह की तलाश जारी

उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इसी तरह की ‘फर्जी फैमिली’ बनाकर पहले भी कई बार शराब की तस्करी की गई है. साथ ही जब्त वाहन और मोबाइल डेटा के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है.