Bihar Crime News : पूर्वी चंपारण के आदापुर थाना क्षेत्र के श्यामपुर चौक पर सरकारी जमीन विवाद में खौलती चाशनी फेंककर लोगों को झुलसाने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वायरल वीडियो और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक विधि-विरुद्ध बालक को भी निरुद्ध किया गया है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
घटना 11 मई की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार श्यामपुर चौक निवासी चइत साह और धर्मदेव भगत के बीच दुकान के समीप सरकारी जमीन पर मिट्टी भराई को लेकर विवाद शुरू हुआ था। दोनों पक्षों के बीच पहले बहस हुई और फिर मामला मारपीट तक पहुंच गया। इसी दौरान गुस्से में आकर एक पक्ष के लोगों ने मिठाई की दुकान में रखी खौलती चाशनी विरोधी पक्ष पर उड़ेल दी।
इस हमले में तारकेश्वर कुमार गंभीर रूप से झुलस गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए सदर अस्पताल मोतिहारी रेफर कर दिया गया। वहीं झड़प में धर्मदेव भगत, मुन्ना भगत, सुनील भगत, सत्यम कुमार, पप्पू कुमार, आकाश कुमार और सुमन कुमार सहित कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं। सभी का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की सहायता से हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए और मामले की जांच शुरू कर दी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी।
आदापुर थानाध्यक्ष पूजा कुमारी के नेतृत्व में गठित टीम ने त्वरित छापेमारी करते हुए 24 घंटे के भीतर दो नामजद आरोपियों मुन्ना भगत और सुनील भगत को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी श्यामपुर चौक के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने वायरल वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सत्यम कुमार नामक एक विधि-विरुद्ध बालक को भी चिन्हित कर निरुद्ध किया है।
थानाध्यक्ष पूजा कुमारी ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि श्यामपुर चौक के आसपास सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद होता रहा है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण ऐसे विवाद लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इलाके में सरकारी जमीन का स्पष्ट सीमांकन कराने और अतिक्रमण हटाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।





