Bihar News: राजधानी पटना में ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज होने के बाद छात्रों और समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा. मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्र और रिसर्च स्कॉलर सड़क पर उतर आए और पटना कॉलेज गेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने माथे पर काली पट्टी बांधकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ रौशन आनंद की रिहाई की मांग उठाई.
दरअसल, मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज पर हुए हमले और फायरिंग मामले में गिरफ्तार किए गए ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की नियमित जमानत याचिका को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा की अदालत ने खारिज कर दिया. शनिवार को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे मंगलवार को सुनाया गया.
कोर्ट के फैसले के बाद छात्रों और समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली.प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि रौशन आनंद को बिना ठोस जांच के जेल भेज दिया गया है और उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई.छात्रों ने आरोप लगाया कि मामले में एकतरफा कार्रवाई की जा रही है और निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है.
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि एक ओर रौशन आनंद जेल में हैं, जबकि दूसरी ओर खान सर उर्फ फैसल खान को अदालत से राहत मिली है.इसी को लेकर छात्रों ने सवाल उठाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की. छात्रों का कहना था कि जब तक सभी तथ्यों की गहराई से जांच नहीं हो जाती, तब तक किसी एक पक्ष के खिलाफ कार्रवाई उचित नहीं है.
गौरतलब है कि 2 जून की रात खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग परिसर में बवाल और फायरिंग की घटना हुई थी.इस मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर पुलिस ने रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. बाद में कुछ वीडियो और सुरक्षा गार्डों के बयान सामने आने के बाद मामले में फैसल खान उर्फ खान सर का नाम भी जांच के दायरे में आया.
इधर, प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्रशासन और सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, सभी तथ्यों को सार्वजनिक करने और रौशन आनंद को न्याय दिलाने की मांग की.छात्रों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा.



