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बिहार के इन दो जिलों में चार डिग्री कॉलेजों की मान्यता रद्द, यहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स का क्या होगा?

Bihar Education News: बिहार सरकार ने बिना सीनेट और सिंडिकेट की मंजूरी के एफिलिएशन पाने वाले छपरा और सीवान के चार डिग्री कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी है। छात्रों को नजदीकी कॉलेजों में शिफ्ट किया जाएगा।

Bihar Education News
प्रतिकात्मक तस्वीर
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Education News: बिहार सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए छपरा और सीवान के चार डिग्री कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी है। इन कॉलेजों को बिना सीनेट या सिंडिकेट की मंजूरी के संबद्धता दिए जाने का मामला सामने आने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है।



मान्यता रद्द होने के बाद इन कॉलेजों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए राज्य सरकार ने जय प्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू) को सभी विद्यार्थियों को नजदीकी दूसरे कॉलेजों में शिफ्ट करने का निर्देश दिया है। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, मान्यता रद्द किए गए चार कॉलेजों में तीन सारण जिले और एक सीवान जिले का है। 



इनमें आरडीएम डिग्री कॉलेज, राठौड़ टोला, छपरा, डॉ. भूषण प्रसाद यादव डिग्री कॉलेज, महमदा, सारण, को-ऑपरेटिव डिग्री कॉलेज, सकड्डी (कोढ़), सारण और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर डिग्री कॉलेज, बड़हरिया, सीवान शामिल हैं।



उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव शिशिर कुमार मिश्र ने जय प्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति को इस संबंध में पत्र भेजा है। विभाग की ओर से गठित त्रिस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट में सामने आया कि विश्वविद्यालय ने इन कॉलेजों को सीनेट और सिंडिकेट के अनुमोदन के बिना ही संबद्धता दे दी थी।



विभाग ने स्पष्ट किया कि किसी कॉलेज को एफिलिएशन देने के प्रस्ताव पर सीनेट या सिंडिकेट की मंजूरी आवश्यक होती है। जांच में इन चारों कॉलेजों के संबद्धता प्रस्ताव में ऐसी अनुशंसा नहीं मिली। इसके बाद विभाग ने पहले से दी गई संबद्धता को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का फैसला किया। बताया गया है कि चारों कॉलेजों को पिछले वर्ष अलग-अलग तारीखों में संबद्धता दी गई थी।



उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि मान्यता रद्द होने का असर इन कॉलेजों में पहले से नामांकित छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर नहीं पड़ेगा। सरकार ने जेपी विश्वविद्यालय को निर्देश दिया है कि चारों कॉलेजों में पढ़ रहे सभी विद्यार्थियों को नजदीकी दूसरे कॉलेजों में शिफ्ट किया जाए। इस व्यवस्था के जरिए विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने की कोशिश की जा रही है, ताकि कॉलेजों की मान्यता रद्द होने से उनका शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।


उच्च शिक्षा विभाग ने जय प्रकाश विश्वविद्यालय को निर्देश दिया है कि भविष्य में किसी भी कॉलेज को संबद्धता देने का प्रस्ताव सीनेट या सिंडिकेट के अनुमोदन के बाद ही भेजा जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबद्धता की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और संस्थागत मंजूरी का पालन अनिवार्य है।



क्या है सीनेट और सिंडिकेट?

उच्च शिक्षण संस्थानों में सीनेट को प्रमुख नीति निर्धारक और अकादमिक निकाय माना जाता है। संस्थान से जुड़े महत्वपूर्ण नीतिगत और अकादमिक फैसलों में इसकी अहम भूमिका होती है। वहीं, सिंडिकेट विश्वविद्यालय की प्रमुख कार्यकारी संस्था होती है। यह विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कामकाज, बजट और अन्य महत्वपूर्ण फैसलों के क्रियान्वयन से जुड़े कार्यों को देखती है।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता