Bihar News : बिहार में अपराधियों की अब खैर नहीं! मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। सरकार अब ऐसे पेशेवर अपराधियों की पहचान करने जा रही है, जो बार-बार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। इसके लिए बिहार के हर थाने और जिले में प्रोफेशनल क्रिमिनल यानी पेशेवर अपराधियों की सूची तैयार की जाएगी। इन अपराधियों पर नकेल कसने के लिए अपराध नियंत्रण अधिनियम (सीसीए), जिसे आम बोलचाल में गुंडा एक्ट भी कहा जाता है, के तहत कार्रवाई करने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को पटना स्थित लोक सेवक आवास में कानून-व्यवस्था को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अपराधियों, असामाजिक तत्वों और समाज में अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सरकार का जोर केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करने पर नहीं, बल्कि अपराध की आशंका को देखते हुए पहले से निगरानी बढ़ाने और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने पर भी है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस प्रशासन को अब अपने-अपने इलाके में सक्रिय और आदतन अपराधियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करनी होगी। इस सूची के आधार पर अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और कानून के प्रावधानों के अनुसार जरूरी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मानना है कि पेशेवर अपराधियों पर प्रभावी निगरानी और समय रहते कार्रवाई से आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।
सम्राट चौधरी ने अधिकारियों से कहा कि बिहार में कानून का राज बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पुलिस को अधिक सक्रिय, जवाबदेह और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना जरूरी है। उन्होंने आपराधिक मामलों में तेजी से अनुसंधान पूरा करने और अभियोजन पक्ष को मजबूत करने पर भी जोर दिया, ताकि दोषियों को कानून के मुताबिक जल्द सजा दिलाई जा सके। केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि अदालत में भी मामलों की मजबूत पैरवी हो, इस पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।
मुख्यमंत्री ने संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और नियमित गश्ती सुनिश्चित करने को कहा। जिन क्षेत्रों में अपराध की आशंका अधिक रहती है, वहां पुलिस को लगातार निगरानी रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने की जरूरत बताई गई। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर अशांति फैलाने वाले तत्वों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को लेकर भी सरकार सख्त नजर आ रही है। मुख्यमंत्री ने इस कारोबार पर लगाम लगाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा। नशे के अवैध व्यापार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ-साथ संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने और आर्थिक लाभ कमाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में अश्लील और द्विअर्थी गीतों के जरिए कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका वाले मामलों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने पर जोर दिया। वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं को स्वच्छ और कदाचार मुक्त तरीके से संपन्न कराने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
पुलिस महकमे के भीतर कामकाज की परिस्थितियों को बेहतर बनाने पर भी मुख्यमंत्री ने ध्यान दिया। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की नसीहत अधिकारियों को दी।
इस उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और संजय कुमार सिंह सहित पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि थानावार पेशेवर अपराधियों की सूची तैयार होने और सीसीए के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया तेज होने से बिहार में अपराध नियंत्रण को कितनी मजबूती मिलेगी। सरकार ने पुलिस को सख्त संदेश दे दिया है, लेकिन इस रणनीति की असली परीक्षा जमीनी स्तर पर होगी, जहां आम लोग सुरक्षित माहौल और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।





