1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 24 Aug 2025 08:54:50 AM IST
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन - फ़ोटो GOOGLE
Bihar News: देश की पहली सेमी हाई-स्पीड वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अब दिल्ली से पटना के बीच दौड़ने को तैयार है। अनुमान है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह ट्रेन खासतौर पर यात्रियों की लंबी दूरी की यात्रा को और अधिक आरामदायक और तेज बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इस नई वंदे भारत श्रेणी की ट्रेन को 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार, आधुनिक स्लीपर कोच, बेहतर आरामदायक बर्थ, स्मार्ट इन्फोटेनमेंट सिस्टम और प्रीमियम कैटरिंग सेवाओं के साथ डिजाइन किया गया है। इसके डायनमिक किराया प्रणाली के तहत इसका किराया राजधानी एक्सप्रेस से 10-15% अधिक हो सकता है।
रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और ट्रेन दिल्ली के शकूरबस्ती डिपो में पार्क की गई है। यह ट्रेन आधुनिक तकनीक से लैस है और इसे मेक इन इंडिया अभियान के तहत चेन्नई की ICF फैक्ट्री में निर्मित किया गया है। अगले सप्ताह रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मीडिया को ट्रेन की सुविधाओं और संभावित रूट के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल दिल्ली-पटना रूट को प्राथमिकता दी जा रही है, विशेष रूप से आगामी बिहार विधानसभा चुनाव और त्योहारों को ध्यान में रखते हुए।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री का आभार जताया है, जिनके निर्देश पर दिवाली और छठ के मौके पर यात्रियों की सुविधा के लिए 12,000 स्पेशल ट्रेनों का संचालन सुनिश्चित किया गया है। रेल मंत्री वैष्णव ने बताया कि इस बार विशेष तैयारी के तहत दो महीने तक विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिससे प्रवासी मजदूरों और आम यात्रियों को घर लौटने में सुविधा हो। भीड़ को नियंत्रित करने और टिकटों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए रेलवे ने कई कदम उठाए हैं।
रेलवे ने इस बार एक नई सुविधा की भी शुरुआत की है। राउंड ट्रिप पैकेज स्कीम के तहत यदि यात्री आने-जाने का टिकट एक साथ बुक करते हैं, तो उन्हें वापसी टिकट पर 20% की छूट मिलेगी। यह योजना 13 अक्टूबर से 1 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगी और यह सभी ट्रेनों व सभी क्लासों पर मान्य होगी। यह योजना विशेष रूप से बिहार, पूर्वांचल और झारखंड के लाखों प्रवासियों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है, जो त्योहारों पर अपने गांव-घर लौटते हैं।