ब्रेकिंग
खगड़िया में उफान पर नदियां... कोसी-बागमती समेत गंगा और बूढ़ी गंडक खतरे के निशान से ऊपर; 40 नावों से हो रही आवाजाहीBihar News: सड़क निर्माण में सुस्ती पड़ी भारी, पथ निर्माण विभाग ने Amber Infraproject को किया डिबार...टेंडर में भाग लेने से किया वंचित बिहार के 43 शहरों के मास्टर प्लान पर काम तेज...‘वन साइज फिट्स ऑल’ की नीति नहीं, शहरी विकास को नई दिशा देने पर मंथन...निजी नर्सिंग होम और जांच केंद्रों पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, कई जगह छापेमारी से हड़कंपSeptember OTT Releases 2026: एक्शन, कॉमेडी, क्राइम और रोमांस का लगेगा तड़का, OTT पर दस्तक देंगी ये 10 फिल्में-सीरीज, देखें पूरी लिस्टखगड़िया में उफान पर नदियां... कोसी-बागमती समेत गंगा और बूढ़ी गंडक खतरे के निशान से ऊपर; 40 नावों से हो रही आवाजाहीBihar News: सड़क निर्माण में सुस्ती पड़ी भारी, पथ निर्माण विभाग ने Amber Infraproject को किया डिबार...टेंडर में भाग लेने से किया वंचित बिहार के 43 शहरों के मास्टर प्लान पर काम तेज...‘वन साइज फिट्स ऑल’ की नीति नहीं, शहरी विकास को नई दिशा देने पर मंथन...निजी नर्सिंग होम और जांच केंद्रों पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, कई जगह छापेमारी से हड़कंपSeptember OTT Releases 2026: एक्शन, कॉमेडी, क्राइम और रोमांस का लगेगा तड़का, OTT पर दस्तक देंगी ये 10 फिल्में-सीरीज, देखें पूरी लिस्ट

UP-Bihar Train Ticket: टिकट के लिए लाइन खत्म! अब यात्रियों के पास खुद पहुंचेगा रेलवे, इन 10 स्टेशनों पर मिलेगी अनारक्षित टिकट की सुविधा

रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत! अब अनारक्षित टिकट लेने के लिए लंबी कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। रेलवे के एम-यूटीएस सहायक स्टेशन परिसर में यात्रियों तक पहुंचकर टिकट देंगे। यूपी-बिहार के 10 स्टेशनों पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा।

UP-Bihar Train Ticket: टिकट के लिए लाइन खत्म! अब यात्रियों के पास खुद पहुंचेगा रेलवे, इन 10 स्टेशनों पर मिलेगी अनारक्षित टिकट की सुविधा
Tejpratap
Tejpratap
6 मिनट

UP/Bihar Unreserved Ticketing System: रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब अनारक्षित टिकट लेने के लिए स्टेशन के टिकट काउंटर पर लंबी कतार में घंटों खड़े रहने की जरूरत नहीं होगी। रेलवे बोर्ड ने यात्रियों की सुविधा के लिए एम-यूटीएस (मोबाइल अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली) सहायकों की नई व्यवस्था शुरू करने का फैसला किया है। इस व्यवस्था के तहत रेलवे के सहायक स्टेशन परिसर में घूमकर यात्रियों तक पहुंचेंगे और उन्हें अनारक्षित टिकट उपलब्ध कराएंगे।

फिलहाल इस सुविधा को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एनएसजी-1, एनएसजी-2 और एनएसजी-3 श्रेणी के चुनिंदा रेलवे स्टेशनों पर लागू किया जा रहा है। योजना के तहत यूपी और बिहार से जुड़े कई प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा। रेलवे बोर्ड ने इस व्यवस्था को 30 जून 2027 तक लागू रखने का निर्णय लिया है। पायलट प्रोजेक्ट के अनुभव और परिणामों की समीक्षा के बाद इसके विस्तार पर फैसला लिया जाएगा।

टिकट के लिए लाइन में लगने का झंझट होगा खत्म

रेलवे स्टेशनों पर अनारक्षित टिकट काउंटरों पर अक्सर यात्रियों की लंबी कतार देखने को मिलती है। खासकर त्योहार, छुट्टियों और भीड़भाड़ वाले दिनों में स्थिति और मुश्किल हो जाती है। कई बार ट्रेन के रवाना होने का समय नजदीक आने पर यात्रियों को जल्दबाजी में टिकट लेना पड़ता है।

नई व्यवस्था इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। एम-यूटीएस सहायक यात्रियों के पास जाकर टिकट उपलब्ध कराएंगे। यानी यात्री को टिकट काउंटर तक पहुंचने और लाइन में खड़े होने की जरूरत कम हो जाएगी।इससे न सिर्फ यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि टिकट काउंटरों पर भीड़ का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।

मोबाइल से होगा टिकट का भुगतान

नई व्यवस्था की एक खास बात यह है कि टिकट लेने की प्रक्रिया को डिजिटल भुगतान से भी जोड़ा गया है। यात्री टिकट के लिए ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे। इससे नकद लेनदेन पर निर्भरता कम होगी और टिकट जारी करने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।रेलवे का मानना है कि एम-यूटीएस सहायकों की मौजूदगी से अनारक्षित यात्रियों को टिकट लेने में ज्यादा सुविधा मिलेगी। साथ ही टिकट जांच और अनधिकृत यात्रियों पर निगरानी को भी बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

महाकुंभ में दिखा था इस व्यवस्था का फायदा

एम-यूटीएस व्यवस्था का प्रयोग पहली बार अचानक नहीं किया गया है। प्रयागराज महाकुंभ के दौरान रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए मोबाइल टिकटिंग व्यवस्था का इस्तेमाल किया गया था। महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन के दौरान स्टेशन पर एक साथ बड़ी संख्या में यात्रियों के पहुंचने से टिकट काउंटरों पर दबाव बढ़ गया था। ऐसे समय में यात्रियों तक पहुंचकर टिकट उपलब्ध कराने की व्यवस्था काफी उपयोगी साबित हुई। इसी अनुभव को देखते हुए रेलवे ने अब इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुनिंदा स्टेशनों पर लागू करने का निर्णय लिया है।

यूपी-बिहार के इन 10 स्टेशनों पर मिलेगी सुविधा

रेलवे बोर्ड के पायलट प्रोजेक्ट के तहत तीन रेल मंडलों के 10 प्रमुख स्टेशनों को इस व्यवस्था में शामिल किया गया है। इनमें यात्रियों की आवाजाही और अनारक्षित टिकट की मांग को ध्यान में रखा गया है।

बनारस रेल मंडल

  • बनारस (BNRS)

  • छपरा (CPR)

  • मऊ (MAU)

  • सिवान (SV)

  • बलिया (BUI)

लखनऊ रेल मंडल

  • गोरखपुर (GKP)

  • लखनऊ (LJN)

  • गोंडा (GD)

  • बस्ती (BST)

इज्जतनगर रेल मंडल

  • फर्रुखाबाद (SBD)

इन स्टेशनों पर एम-यूटीएस सहायकों के जरिए यात्रियों को स्टेशन परिसर में ही अनारक्षित टिकट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

बनारस मंडल में जल्द शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया

रेलवे बोर्ड के निर्देश के बाद बनारस रेल मंडल के पांच स्टेशनों—बनारस, छपरा, मऊ, सिवान और बलिया—पर एम-यूटीएस सहायकों की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। रेलवे का उद्देश्य है कि यात्रियों को टिकट लेने के लिए काउंटरों पर अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। स्टेशन परिसर में यात्रियों की जरूरत के मुताबिक सहायक उपलब्ध रहेंगे और अनारक्षित टिकट लेने में उनकी मदद करेंगे।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव के अनुसार, रेलवे बोर्ड के निर्देश पर बनारस रेल मंडल के पांच स्टेशनों पर एम-यूटीएस सहायकों की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक यात्रियों तक पहुंच बनाकर उन्हें अनारक्षित टिकट की सुविधा उपलब्ध कराना है।

यात्रियों के लिए क्यों खास है यह बदलाव?

रेलवे की यह पहल खास तौर पर उन यात्रियों के लिए राहत दे सकती है जो अचानक यात्रा करते हैं और अनारक्षित टिकट लेकर ट्रेन पकड़ते हैं। भीड़ के समय लंबी लाइन में खड़े रहने से कई बार ट्रेन छूटने का खतरा रहता है।अब यदि मोबाइल टिकटिंग सहायक स्टेशन परिसर में ही उपलब्ध रहते हैं, तो यात्री कम समय में टिकट लेकर अपनी ट्रेन पकड़ने की कोशिश कर सकेंगे। साथ ही टिकट काउंटरों पर भीड़ कम होने से वहां की व्यवस्था भी बेहतर हो सकती है। हालांकि, यह व्यवस्था अभी पायलट प्रोजेक्ट है। रेलवे इसके कामकाज, यात्रियों की प्रतिक्रिया और राजस्व पर पड़ने वाले असर का आकलन करेगा। इसके बाद तय होगा कि एम-यूटीएस सहायकों की सुविधा को अन्य स्टेशनों तक भी बढ़ाया जाए या नहीं।

यात्रियों को बड़ी राहत की उम्मीद

कुल मिलाकर रेलवे की नई एम-यूटीएस सहायक व्यवस्था अनारक्षित यात्रियों के लिए टिकट खरीदने की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अगर पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो आने वाले समय में देश के दूसरे व्यस्त रेलवे स्टेशनों पर भी यात्रियों को इसी तरह काउंटर की लंबी लाइन से राहत मिल सकती है।