पटना: सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 से फायरिंग के मामले को लेकर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बुधवार को पटना की सड़कों पर उतर गए हैं। तेजस्वी यादव राजभवन मार्च के लिए जेपी गोलंबर पहुंच चुके हैं। उनके साथ पार्टी के कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी मौजूद हैं। थोड़ी देर में यहां से राजभवन तक करीब 5 किलोमीटर लंबा मार्च शुरू किया जाएगा। इस मार्च के जरिए तेजस्वी यादव सीवान की घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाने और कार्रवाई की मांग को लेकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
जेपी गोलंबर पर तेजस्वी यादव के पहुंचते ही कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में आरजेडी कार्यकर्ता तिरंगा और सरकार विरोधी पोस्टर लेकर यहां जुटे हैं। कार्यकर्ताओं की ओर से लगातार सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है। मार्च को लेकर जेपी गोलंबर से लेकर राजभवन के रास्ते तक सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।
इस प्रदर्शन की सबसे खास तस्वीर यह रही कि कुछ कार्यकर्ता लकड़ी से बनी AK-47 लेकर पहुंचे हैं। सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान कथित तौर पर AK-47 से हुई फायरिंग को प्रतीकात्मक रूप से दिखाने के लिए कार्यकर्ताओं ने लकड़ी की AK-47 अपने हाथों में ले रखी है। इससे मार्च के दौरान सुरक्षा और राजनीतिक माहौल दोनों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
तेजस्वी यादव के जेपी गोलंबर पहुंचने के बाद अब सभी की नजर मार्च शुरू होने पर है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का जत्था तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजभवन की ओर बढ़ेगा। करीब 5 किलोमीटर लंबे इस मार्च के दौरान आरजेडी कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करेंगे। पार्टी की ओर से इसे सीवान की घटना के खिलाफ विरोध और न्याय की मांग के तौर पर पेश किया जा रहा है।
डाकबंगला चौराहे पर कड़ी सुरक्षा
तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च को देखते हुए पटना पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है। डाकबंगला चौराहे पर पहली बार बीच सड़क बैरिकेडिंग की गई है। यहां बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। जवानों के पास लाठी के साथ इंसास राइफल भी नजर आ रही है। मार्च के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।
ASP लॉ एंड ऑर्डर कृष्ण मुरारी प्रसाद ने मौके पर मौजूद जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने जवानों से कहा कि प्रदर्शन के दौरान तिरंगे का सम्मान किया जाए और किसी भी स्थिति में लाठी का इस्तेमाल समझदारी के साथ किया जाए। पुलिस अधिकारियों की कोशिश है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
सरकार को घेरने की तैयारी
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में निकाला जा रहा यह मार्च ऐसे समय हो रहा है, जब सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान हुई AK-47 फायरिंग को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। विपक्ष इस घटना को कानून-व्यवस्था से जोड़ते हुए सरकार पर हमलावर है। वहीं सरकार की ओर से भी कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की जा रही है।
राजभवन मार्च के जरिए तेजस्वी यादव इस मुद्दे को पटना की सड़कों से लेकर राजभवन तक ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। जेपी गोलंबर पर उनके पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। तिरंगे, पोस्टर और पार्टी के झंडों के साथ कार्यकर्ता मार्च के लिए तैयार हैं।
अब देखना होगा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में शुरू होने वाला यह 5 किलोमीटर लंबा मार्च किस तरह आगे बढ़ता है और राजभवन पहुंचकर विपक्ष की ओर से क्या मांगें रखी जाती हैं। फिलहाल जेपी गोलंबर पर तेजस्वी यादव के पहुंचने के बाद आरजेडी कार्यकर्ताओं में जोश है और पटना की सड़कों पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।





