1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 13 Feb 2026 10:41:40 AM IST
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Bihar Assembly news : बिहार की राजनीति में सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक श्याम रजक ने एक बार फिर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने खास तौर पर लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल को लेकर गंभीर आरोप लगाए और उस दौर को ‘जंगलराज’ करार दिया।
श्याम रजक ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि लालू-राबड़ी शासनकाल में अपराधियों का बोलबाला था और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। उन्होंने कहा कि आज विपक्ष अपराध के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वर्तमान सरकार अपराधियों के खिलाफ तेज गति से कार्रवाई कर रही है। रजक ने दावा किया कि आज अपराधियों पर पवित्र और सख्त कार्रवाई की जा रही है, जिससे कानून व्यवस्था मजबूत हुई है।
जदयू विधायक ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “जंगल का जो जानवर है, उसे अगर शहर में ले आएंगे तो उसका मन नहीं लगेगा। उसका मन जंगल में ही लगता है।” उन्होंने इस टिप्पणी के जरिए विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग जंगलराज की राजनीति से जुड़े रहे हैं, उन्हें सुशासन का माहौल स्वीकार नहीं हो रहा है।
श्याम रजक ने यह भी कहा कि यह सच है कि घटनाएं होती हैं और यह किसी भी सरकार के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने स्वीकार किया कि अपराध की घटनाएं पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन पूरी सक्रियता के साथ अपराध पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में कार्रवाई में देरी होती है, लेकिन सरकार और पुलिस लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपेक्षा जताई कि अपराध नियंत्रण के लिए और तेज गति से काम किया जाए ताकि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा और मजबूत हो सके। रजक ने कहा कि सरकार अपराध की हर घटना को गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
जदयू विधायक ने अपने पुराने राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि वह खुद पहले विपक्षी सरकार का हिस्सा रह चुके हैं और उस दौर की स्थिति को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि उस समय अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कमजोर थी और कई मामलों में गिरफ्तारी नहीं होती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलता था और कानून व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होती थी।
रजक ने कहा कि उस दौर में राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों पर किसका नियंत्रण था और अपराधियों का किस तरह तांडव चलता था, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार कानून का राज स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।