ब्रेकिंग
Bihar News : बांकीपुर उपचुनाव में बड़ा आदेश! अब बिना अनुमति सभा-जुलूस किया तो होगी कार्रवाईBihar News : 35 साल पुराने विस्फोट केस में बड़ा फैसला! पूर्व सांसद सूरजभान सिंह समेत 3 आरोपित बरीBihar News: अब नहीं बचेगा कोई अपराधी! बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी एसपी को जारी किए सख्त निर्देशBihar Weather Today: पटना में उमस से लोग बेहाल, दरभंगा-मधुबनी समेत कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्टभोजपुर एनकाउंटर मामला: भरत तिवारी की मां 9 जुलाई से करेंगी भूख हड़ताल, परिवार ने सरकार के सामने रखीं पांच मांगेंBihar News : बांकीपुर उपचुनाव में बड़ा आदेश! अब बिना अनुमति सभा-जुलूस किया तो होगी कार्रवाईBihar News : 35 साल पुराने विस्फोट केस में बड़ा फैसला! पूर्व सांसद सूरजभान सिंह समेत 3 आरोपित बरीBihar News: अब नहीं बचेगा कोई अपराधी! बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी एसपी को जारी किए सख्त निर्देशBihar Weather Today: पटना में उमस से लोग बेहाल, दरभंगा-मधुबनी समेत कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्टभोजपुर एनकाउंटर मामला: भरत तिवारी की मां 9 जुलाई से करेंगी भूख हड़ताल, परिवार ने सरकार के सामने रखीं पांच मांगें

Bihar Assembly News, : 'हजूर मंत्री जी नाराज हो जाते है...', विधानसभा में सवाल पूछने से पहले राजद विधायक का अनोखा अंदाज, मंत्री को लेकर कह दी यह बातें

बिहार विधानसभा में राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने फतेहपुर में नए पावर सब स्टेशन की मांग उठाते हुए मजाकिया अंदाज में ऊर्जा मंत्री से आग्रह किया। उनके बयान पर सदन में हंसी का माहौल बन गया।

 Bihar Assembly News, : 'हजूर मंत्री जी नाराज हो जाते है...', विधानसभा में सवाल पूछने से पहले राजद विधायक का अनोखा अंदाज, मंत्री को लेकर कह दी यह बातें
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

 Bihar Assembly News : बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान उस समय हल्का-फुल्का माहौल बन गया जब राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने अपने सवाल को अनोखे अंदाज में सदन के सामने रखा। उन्होंने गयाजी जिले के फतेहपुर प्रखंड में रेलवे लाइन के दक्षिण क्षेत्र में नया पावर सब स्टेशन (PSS) बनाने की मांग से जुड़ा सवाल उठाया। हालांकि सवाल पूछने से पहले ही उन्होंने सदन में ऐसी टिप्पणी कर दी, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों के बीच ठहाके गूंजने लगे।


दरअसल, विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा कि वे ऊर्जा मंत्री से केवल आग्रह करना चाहते हैं, क्योंकि सवाल पूछने पर मंत्री जी नाराज हो जाते हैं। उन्होंने विनम्र अंदाज में कहा कि अगर सरकार इस इलाके में नया विद्युत सब स्टेशन बनाने पर विचार करती है, तो इससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि फतेहपुर प्रखंड के रेलवे लाइन के दक्षिण हिस्से में बिजली आपूर्ति की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। वहां के ग्रामीणों और किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिलने के कारण रोजमर्रा के कामकाज और कृषि कार्य प्रभावित होते हैं।


विधायक के इस बयान के बाद सदन में मौजूद सदस्यों के चेहरे पर मुस्कान दिखाई देने लगी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव से सरकार का पक्ष रखने को कहा। मंत्री बिजेंद्र यादव ने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में कार्रवाई करेगी और नया पावर सब स्टेशन बनवाया जाएगा।


मंत्री के इस जवाब के बाद सदन का माहौल और भी हल्का हो गया। विपक्ष और सत्ता पक्ष के कुछ सदस्यों ने मजाकिया अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि विधायक पहले ही मंत्री जी से आग्रह कर चुके हैं, नहीं तो वे नाराज हो जाते। इस टिप्पणी के बाद पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा। कुछ देर तक सदन में हंसी-मजाक का दौर चलता रहा, जिससे माहौल खुशनुमा हो गया।


हालांकि इस हल्के पल के बीच उठाया गया मुद्दा क्षेत्र की गंभीर समस्या से जुड़ा हुआ था। फतेहपुर प्रखंड के कई गांवों में बिजली की आपूर्ति अनियमित बताई जाती है। वहां बिजली की कम वोल्टेज और बार-बार कटौती से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नया पावर सब स्टेशन बनने से क्षेत्र में बिजली वितरण व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों और छोटे व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा।


राजनीतिक दृष्टि से भी यह घटनाक्रम दिलचस्प रहा, क्योंकि सदन में आम तौर पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिलती है। लेकिन इस दौरान दोनों पक्षों के सदस्य एक साथ हंसते नजर आए। यह घटना यह भी दिखाती है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में गंभीर मुद्दों के बीच हल्के पल भी आते रहते हैं, जो माहौल को सहज बनाते हैं।


अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार फतेहपुर प्रखंड में नए पावर सब स्टेशन के निर्माण को लेकर कितनी जल्दी ठोस कदम उठाती है। अगर इस योजना पर अमल होता है, तो इससे क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर बिजली सुविधा मिल सकती है और स्थानीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है। सदन में उठाया गया यह मुद्दा न केवल बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है, बल्कि क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों की सक्रियता को भी दर्शाता है।