ब्रेकिंग
बिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसले

सीट बंटवारे पर जेडीयू-बीजेपी के बीच 4 घंटे तक चली बैठक, अभी भी नहीं बनी बात, कल फिर से चर्चा होगी

PATNA : विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर पटना में बीजेपी और जेडीयू नेताओं के बीच चार घंटे तक चली बैठक खत्म हो गयी है. लेकिन सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक दोनों पार्टि

सीट बंटवारे पर जेडीयू-बीजेपी के बीच 4 घंटे तक चली बैठक, अभी भी नहीं बनी बात, कल फिर से चर्चा होगी
First Bihar
3 मिनट

PATNA : विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर पटना में बीजेपी और जेडीयू नेताओं के बीच चार घंटे तक चली बैठक खत्म हो गयी है. लेकिन सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक दोनों पार्टियों में बात नहीं बन पायी है. हालांकि दोनों पार्टियों ने बातचीत को आगे भी जारी रखने का फैसला लिया है. कल फिर नये सिरे से बात होगी.




चार घंटे तक बैठक
आज दोपहर जेडीयू नेता ललन सिंह, आरसीपी सिंह, विजय चौधरी और विजेंद्र यादव बीजेपी नेताओं के ठिकाने पर पहुंचे थे. वहां पहले से ही बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस और भूपेंद्र यादव मौजूद थे. बीजेपी के प्रदेश स्तर के कई और प्रमुख नेता भी वहां जमे थे. चार घंटे तक बंद कमरे में दोनो पार्टियों के नेताओं के बीच बातचीत चलती रही.




हालांकि बैठक के बाद दोनों पार्टियों में से किसी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. लेकिन बीजेपी सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक सहमति नहीं बन पायी. न सीटों की संख्या पर न इस पर कि कौन सीट किसके हिस्से में जायेगी. जेडीयू अपने लिए बड़ा हिस्सा यानि ज्यादा सीटों की मांग पर अड़ा हुआ है. वहीं बीजेपी लोकसभा चुनाव की तर्ज पर बराबर-बराबर सीटों के बंटवारे पर कायम है.


सूत्रों के मुताबिक जेडीयू नेता आज पूरी तैयारी के साथ गये थे. वे 2005 से लेकर 2010 के चुनाव तक का उदाहरण दे रहे थे जब बीजेपी नीतीश कुमार के साथ चुनाव लड रही थी. विवाद वाली सीटों पर दावेदारी के पक्ष में भी जेडीयू नेताओं ने जातीय से लेकर सामाजिक आंकड़े दिये.




उधर बीजेपी भी पूरी तैयारी के साथ बैठी  थी. उसके बाद आंकड़े तैयार थे. लिहाजा चार घंटे की मैराथन बैठक के बाद भी नतीजा नहीं निकल पाया. हालांकि दोनों पार्टियां इस बात पर सहमत हुई कि बातचीत का सिलसिला जारी रहे.


दरअसल दोनों पार्टियां ये समझ रही हैं कि गठबंधन मजबूरी है. इसके बगैर दोनों में से कोई अपने दम पर चुनाव लड़ कर जीत नहीं सकती है. लिहाजा तालमेल तो करना ही होगा. लेकिन सवाल ये है कि कौन पीछे हटता है. ये देखना दिलचस्प होगा.



टैग्स

संबंधित खबरें