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130 की रफ्तार वाली आम आदमी की राजधानी: अटल बिहारी वाजपेयी के दौर में संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस की शुरुआत, जानिये इस ट्रेन की खासियत

बता दें कि जब नीतीश कुमार रेल मंत्री थे, तब उनके कार्यकाल में पहली बार 17 फरवरी 2002 को संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस को पटना से दिल्ली के लिए रवाना किया गया था। उस वक्त मगध और पूर्वा एक्सप्रेस ही तेज रफ्तार की ट्रेनें मानी जाती थी।

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2002 में नीतीश कुमार ने लाई ‘क्रांति’
© social media
Jitendra Vidyarthi
5 मिनट

PATNA: यदि कम पैसे में किसी को पटना से दिल्ली या दिल्ली से पटना ट्रेवल करना पड़े तो सबसे पहले उनके दिमाग में एक ही ट्रेन का नाम आता है। जिसे लोग आम आदमी की राजधानी एक्सप्रेस कहकर बुलाते हैं। हम बात कर रहे हैं ट्रेन संख्या 12393/12394 संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस की जिसे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दौर में शुरू किया गया था। जिसे आमलोगों का ख्याल रखकर चलाया गया था। यह ट्रेन बिहार और दिल्ली के लोगों के लिए किसी तोहफे से कम साबित नहीं हुई।


कम स्टोपेज, तेज रफ्तार और साधारण किराया इस ट्रेन की खासियत है। जिसकी वजह से देखते-ही-देखते यह ट्रेन काफी लोकप्रिय हो गई। जो लोग राजधानी में ज्यादा पैसा खर्च करना नहीं चाहते वो संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस का ही टिकट बनाते है। वैसे तो कई ट्रेनें पटना से दिल्ली और दिल्ली से पटना के लिए चलती है लेकिन सबसे पहले लोग संपूर्ण क्रांति का ही टिकट लेते हैं। यह पहली नॉन-एसी सुपरफास्ट ट्रेन है, जिसे एलएचबी कोच मिले थे। यही पहली साधारण सुपरफास्ट है, जो 130 KM की रफ्तार से  चलती है और साढ़े 12 घंटे में पटना से दिल्ली पहुंचती है। 


राजधानी से इसका किराया आधा है लेकिन रफ्तार राजधानी वाली है। यह ट्रेन समय पर पहुंचाती है इसलिए यह लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। वैसे तो राजधानी एक्सप्रेस, वंदे भारत और शताब्दी की रफ्तार अधिक है लेकिन इसका किराया भी ज्यादा है, जो सबके बजट में नहीं आ पाता है, यही कारण है कि लोग संपूर्ण क्रांति में ही टिकट रिजर्वेशन कराना सही मानते हैं और इस ट्रेन को लोग आम आदमी की राजधानी एक्सप्रेस कहते हैं। 


अब बात करते हैं कि संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस का टाईम टेबल क्या है? तो बता दें कि संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस हर दिन दिल्ली से पटना और पटना से दिल्ली के लिए चलती है। हर दिन पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल से शाम 7:25 बजे चलती है। जो पटना जंक्शन, आरा, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, मिर्जापुर और कानपुर में रुकते हुए अगली सुबह करीब 7:55 बजे नई दिल्ली पहुंचती है। पटना से दिल्ली जाने में करीब साढ़े 12 घंटे का समय लगता है, जो राजधानी एक्सप्रेस के बराबर है।


ट्रेन संख्या 12393 संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस राजेंद्र नगर स्टेशन से 19:25 बजे चलकर, पटना जंक्शन पर 19:35, आरा 20: 20, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन 22:20, मिर्जापुर 11:21 बजे रुकती हुई अगली सुबह कानपुर में 2:25 बजे पहुंचती है. इसके बाद यह सुबह 7.55 मिनट पर नई दिल्ली पहुंचती है। इसी तरह ट्रेन संख्या 12394 नई दिल्ली से 17: 30 मिनट पर चलती है और उसी रात को 22:22 कानपुर, अगली सुबह 1:43 बजे सुबह मिर्जापुर, 3: 18 बजे पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन, सुबह 5: 21 बजे आरा, 6:35 पटना जंक्शन होते हुए 7: 15 बजे राजेंद्र नगर स्टेशन पहुंचती है। अब बात किराये की करें तो बता दें कि पटना से दिल्ली को जाने वाली तेजस राजधानी एक्सप्रेस में थर्ड एसी का किराया 2400 से ज्यादा है तो वही आम आदमी की राजधानी संपूर्ण एक्सप्रेस में थर्ड एसी का किराया सिर्फ 1300 रुपये है। 


2002 में नीतीश कुमार ने लाई ‘क्रांति’

बता दें कि जब नीतीश कुमार रेल मंत्री थे, तब उनके कार्यकाल में पहली बार 17 फरवरी 2002 को संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस को पटना से दिल्ली के लिए रवाना किया गया था। उस वक्त मगध और पूर्वा एक्सप्रेस ही तेज रफ्तार की ट्रेनें मानी जाती थी। लेकिन जब संपूर्ण क्रांति ने रफ्तार भरी तब लोग इसके कम स्टोपेज और बेहतर टाइमिंग के कारण पसंद करने लगे। किसी को पटना से दिल्ली या दिल्ली से पटना जाना रहता है तो सबसे पहले इसी ट्रेन को प्राथमिकता देते हैं, यदि इस ट्रेन में सीट नहीं मिलती है तब पूर्वा और मगध का रूख करते हैं। 


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