ब्रेकिंग
पुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबपुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायब

सड़क निर्माण के दौरान पेड़ों की कटाई पर कोर्ट ने लगाई रोक, NHAI को हलफनामा दायर करने का आदेश

PATNA: पटना हाईकोर्ट में नारायणपुर-मनहारी-पूर्णिया हाईवे के निर्माण के दौरान पेड़ों की कटाई को रोकने के लिए दायर जनहित याचिका पर आज सुनवाई हुई। इस मामले पर सुनवाई करते हुए पटना

सड़क निर्माण के दौरान पेड़ों की कटाई पर कोर्ट ने लगाई रोक, NHAI को हलफनामा दायर करने का आदेश
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: पटना हाईकोर्ट में नारायणपुर-मनहारी-पूर्णिया हाईवे के निर्माण के दौरान पेड़ों की कटाई को रोकने के लिए दायर जनहित याचिका पर आज सुनवाई हुई। इस मामले पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने फिलहाल किसी भी पेड़ की कटाई पर रोक लगा दिया। चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने अधिवक्ता शाश्वत की याचिक पर सुनवाई करते हुए NHAI को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। 


याचिकाकर्ता ने बताया कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान NHAI की ओर से हाईवे निर्माण में पेड़ की कटाई करने के बजाए पेड़ को हटाकर दूसरे स्थान पर लगाने को लेकर सहमति प्रदान कर दी गई है। याचिकाकर्ता ने इस मामले में विकास व निर्माण के दौरान पेड़ों की कटाई पर रोक को लेकर 26 जुलाई 2019 को राज्य सरकार के पर्यावरण, वन व मौसम विभाग द्वारा जारी कार्यालय आदेश की भी जानकारी कोर्ट को दी। 


याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका के जरिये संबंधित विभागों से विस्तृत योजना रिपोर्ट, क्लियरेंस सर्टिफिकेट, योजना पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को लेकर अनुरोध भी किया है।  याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका के जरिये काटे जाने वाले पेड़ों की संख्या, पेड़ों की उम्र, इसका पर्यावरण के लिए महत्व व पेड़ों की कटाई से आसपास के पशु-  पक्षियों पर पड़ने वाले प्रभाव के आकलन करने को लेकर विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाने की भी मांग की हैं। 


याचिका में इस प्रकार के मामले में सुप्रीम कोर्ट व  पटना हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में दिये गए आदेशों का भी जिक्र किया गया है। याचिका में राज्य सरकार, नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया, राज्य सरकार के परिवहन विभाग, राज्य के पर्यावरण, वन व मौसम मंत्रालय, बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड व बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पार्टी बनाया गया है। अब इस मामले पर आगे सुनवाई होगी। 


टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें