ब्रेकिंग
‘बड़े घरों की महिलाएं शराब पी रहीं…’ यह बयान देकर फिर विवादों में आ गए बागेश्वर धाम वाले बाबा पटना समेत 6 जिलों में मॉकड्रिल: सायरन बजते ही होगा ब्लैकआउट, प्रशासन अलर्टBihar Ips Officer: बिहार कैडर के 10 IPS अफसर जा रहे ट्रेनिंग में, लिस्ट देखें....कटिहार अस्पताल में ANM की दबंगई, पैसे मांगते वीडियो बनाने पर युवक को पीटने के लिए चप्पल लेकर दौड़ी3 साल से फरार बदमाशों पर पुलिस का शिकंजा, सोनू-मोनू गिरोह के दो सदस्यों के घर कुर्की-जब्ती ‘बड़े घरों की महिलाएं शराब पी रहीं…’ यह बयान देकर फिर विवादों में आ गए बागेश्वर धाम वाले बाबा पटना समेत 6 जिलों में मॉकड्रिल: सायरन बजते ही होगा ब्लैकआउट, प्रशासन अलर्टBihar Ips Officer: बिहार कैडर के 10 IPS अफसर जा रहे ट्रेनिंग में, लिस्ट देखें....कटिहार अस्पताल में ANM की दबंगई, पैसे मांगते वीडियो बनाने पर युवक को पीटने के लिए चप्पल लेकर दौड़ी3 साल से फरार बदमाशों पर पुलिस का शिकंजा, सोनू-मोनू गिरोह के दो सदस्यों के घर कुर्की-जब्ती

Bihar News: बिहार में रेरा अधिनियम का पालन अनिवार्य, नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

Bihar News: रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने कहा कि प्रोजेक्ट का रेरा निबंधन विश्वसनीयता बढ़ाता है और उचित मूल्य सुनिश्चित करता है। कार्यशाला में समय पर प्रोजेक्ट पूर्ण करने और नियमों के पालन पर जोर दिया गया।

Bihar News
© Reporter
Mukesh Srivastava
4 मिनट

Bihar News: रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने प्रमोटरों से कहा है कि किसी प्रोजेक्ट का रेरा निबंधन हो जाने से उसकी विश्वसनीयता बढती है एवं प्रोमोटर को अपने फ्लैट अथवा प्लॉट का उचित मूल्य मिलता है। उन्होंने कहा की प्रमोटरों को रेरा अधिनियम का पालन करना चाहिए ताकि वे पारदर्शी ढंग से काम कर के अपनी विश्वसनीयता बाधा सकें क्योकि नियमों का पालन नहीं करने पर कावाई का सामना करना पड़ता है।


विवेक कुमार सिंह ने प्रतिभागियों को यह भी बताया कि रेरा निबंधन से सरलीकरण हेतु शीघ्र ही एक नयी व्यवस्था लाई जा रही है जिसका उपयोग कर प्रमोटर खुद ही जांच सकेंगे की निबंधन हेतु उन्होंने सभी कागजों को जमा किया है कि नहीं। नयी   व्यवस्था लागू हो जाने के बाद प्रोजेक्ट निबंधन में लगने वाले समाया में काफी कमी आ जायेगी। 


अभी हाल ही प्राधिकरण के संज्ञान में अनके मामले आये हैं जहां प्रोमोटर द्वारा बगैर रेरा निबंधन के ही प्लॉटस की बिक्री की जा रही थी जिस कारण से उनपर रेरा अधिनियम के अनुरूप कारवाई की गयी है। उन्होंने ये बातें रेरा बिहार द्वारा आयोजित एक कार्यशाला में कही। इस कार्यशाला का उद्देश्य चल रही वैसी प्रोजेक्ट्स के प्रमोटरों को कार्य समय से पूरा कराने हेतु जागरूक करना था जिनका निबंधन 30 सितम्बर, 2025 एवं 31 मार्च, 2026 के बीच ख़त्म होने वाला है। ऐसी तीन कार्यशालाएं पहले भी आयोजित की जा चुकी हैं।


आज के कार्यशाला में ऐसी कुल 111 परियोजनाओं के रिपोर्ट कार्ड एक पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेसन द्वारा प्रस्तुत किया गया जिसमें यह पाया गया कि इनमें से 57 परियोजनाएं समय पर चल रही हैं, 30 में काम की गति धीमी है तथा शेष 24 में ऐसा प्रतीत होता है की काम समय से पूरा नहीं हो सकेगा। रेरा अध्यक्ष ने कहा कि अगर किसी कारण से प्रमोटर को अपने प्रोजेक्ट में उन्हें अपने प्रोजेक्ट के निबंधन अवधि में विस्तार चाहिए तो सबसे पहले यह सुनिश्चित कर लें कि प्रोजेक्ट का नक्शा सक्षम प्राधिकार द्वारा उस अवधी के लिए अनुमोदित है कि नहीं। बगैर वैध नक्शे के किसी भी प्रोजेक्ट में अवधी विस्तार नहीं दिया जा सकता है।


डायनामिक क्यू पी आर व्यवस्था, जो हाल ही में लागू की गयी है, के विषय में जानकारी देते हुए रेरा अध्यक्ष कहा की यह बिल्डरों के हित में ही लागू की गयी है ताकि प्रोजेक्ट प्रगति के विषय में समग्र जानकारी एकरूपता से मिले। उन्होंने रेरा बिहार द्वारा शुरू की गयी अन्य पहलों की भी जानकारी दी एवं कहा की प्राधिकरण एवं प्रमोटर की भूमिका राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर के विकास में बहुत महत्वपूर्ण हैं एवं बिहार में इस सेक्टर के विकास की अपार संभावनाएं हैं।


प्रमोटरों को संबोधित करते हुए रेरा जांच आयुक्त संजय कुमार सिंह ने कहा की प्रोजेक्ट के समय पर पूरा होने से न सिर्फ घर खरीदारों का भला होता है बल्कि इससे प्रमोटर की भी साख बढती है। उन्होंने प्रमोटरों से यह भी कहा की उनकी कोशिश होनी चाहिए कि अवधी विस्तार की नौबत आये ही नहीं। रेरा बिहार के ओ एस डी श्री राजेश थदानी ने प्रतिभागीओं को कार्यशाला के उद्देश्य से परिचित कराया। कार्यशाला में एक पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेसन द्वारा कार्यशाला के अंतिम सत्र में प्रमोटरों के प्रश्नों को उत्तर प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारिओं द्वारा दिया गया।

टैग्स
रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें