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PMC Hospital Patna : पटना पीएमसीएच बच्ची की मौत की जांच, पैर के ऑपरेशन में हाई डोज एनेस्थिसिया का शक

PMC Hospital Patna : पटना पीएमसीएच में 3 साल की मासूम अवंतिका राय की ऑपरेशन के दौरान मौत, परिजन ने डॉक्टरों पर लापरवाही और एनेस्थिसिया अधिक देने का आरोप लगाया।

PMC Hospital Patna : पटना पीएमसीएच बच्ची की मौत की जांच, पैर के ऑपरेशन में हाई डोज एनेस्थिसिया का शक
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

PMC Hospital Patna : बिहार की राजधानी पटना के प्रतिष्ठित पीएमसीएच अस्पताल में 3 वर्षीय मासूम बच्ची अवंतिका राय की ऑपरेशन के दौरान मौत के मामले ने अस्पताल प्रशासन और परिवार के बीच तनाव बढ़ा दिया है। गोपालगंज जिले की रहने वाली अवंतिका लगभग दो सप्ताह पहले खेलते हुए गिर गई थी, जिससे उसके दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए थे। 


बेहतर इलाज की तलाश में परिवार ने बच्ची को पटना लाया और पीएमसीएच के हड्डी रोग विभाग के प्रो. डॉ. महेश प्रसाद की यूनिट में भर्ती कराया। 2 दिसंबर को अवंतिका का ऑपरेशन निर्धारित किया गया था। ऑपरेशन के दौरान उसे एनेस्थिसिया देकर बेहोश किया गया, लेकिन सर्जरी के बाद बच्ची होश में नहीं आई। उसकी दिल की धड़कन रुकने के बाद उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन 6 दिसंबर को बच्ची ने अंतिम सांस ली।


परिवार ने सोशल मीडिया के माध्यम से आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने एनेस्थिसिया की डबल डोज दे दी, जिसे बच्ची सहन नहीं कर सकी और उसकी मौत हो गई। परिजन का कहना है कि सर्जरी में लापरवाही बरती गई और यही मौत की वजह बनी। इस मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए 4 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। टीम में हड्डी रोग और शिशु रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक शामिल हैं। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आईएस ठाकुर ने बताया कि जांच टीम दो सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी और उसे संबंधित विभाग को सौंपा जाएगा।


जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि ऑपरेशन के दौरान अवंतिका की मौत कैसे हुई और क्या एनेस्थिसिया की अधिक मात्रा देने का आरोप सही है। डॉ. महेश प्रसाद की यूनिट के तहत हुई सर्जरी की पूरी प्रक्रिया, ऑपरेशन में शामिल डॉक्टरों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों की जांच भी की जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि मौत के पीछे असली वजह क्या थी।


पीड़ित परिवार का रोष बढ़ता जा रहा है। परिवार का कहना है कि मासूम की मौत के लिए किसी भी स्थिति में लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। स्थानीय प्रशासन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना की छानबीन के लिए निगरानी बढ़ा दी है। इस मामले में सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है और लोग अस्पताल की प्रक्रियाओं पर सवाल उठा रहे हैं।


विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन के दौरान बच्चों में एनेस्थिसिया की खुराक बेहद संवेदनशील होती है और थोड़ी सी गलती भी जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए जांच का निष्कर्ष बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए सख्त नियम और प्रक्रिया लागू की जा सके। पीएमसीएच अस्पताल प्रशासन ने यह भी भरोसा दिया है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़े कदम उठाए जाएंगे।


इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि अस्पतालों में बच्चों की सर्जरी और एनेस्थिसिया संबंधी प्रक्रियाओं की निगरानी और सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। वहीं, परिवार की न्याय की मांग और अस्पताल की जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मासूम अवंतिका की मौत में किसकी भूमिका थी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।