ब्रेकिंग
पूर्वी चंपारण में बाढ़ का खतरा बढ़ा: सिकरहना नदी उफान पर, कई गांवों में तेज कटाव से दहशतCM सम्राट चौधरी का इंजीनियरिंग छात्रों को बड़ा मंत्र, नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाले बनिए...ऊपर सीमेंट, नीचे शराब! बिहार में तस्करों का अनोखा खेल बेनकाब, 127 कार्टन शराब बरामद; चालक फरार"100 में नहीं होगा, 200 दो..." जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर ‘रेट फिक्स’ का आरोप, PHC का वीडियो वायरलबिहार में कारोबारी के घर से जेवर समेत 7 लाख कैश ले उड़े चोर, विरोध करने पर महिला को मारी गोलीपूर्वी चंपारण में बाढ़ का खतरा बढ़ा: सिकरहना नदी उफान पर, कई गांवों में तेज कटाव से दहशतCM सम्राट चौधरी का इंजीनियरिंग छात्रों को बड़ा मंत्र, नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाले बनिए...ऊपर सीमेंट, नीचे शराब! बिहार में तस्करों का अनोखा खेल बेनकाब, 127 कार्टन शराब बरामद; चालक फरार"100 में नहीं होगा, 200 दो..." जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर ‘रेट फिक्स’ का आरोप, PHC का वीडियो वायरलबिहार में कारोबारी के घर से जेवर समेत 7 लाख कैश ले उड़े चोर, विरोध करने पर महिला को मारी गोली

पटना के कूड़े से बनेगी बिजली: रामचक बैरिया में 514 करोड़ की लागत से लगेगा वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट, 12 नगर निकायों का कचरा होगा इस्तेमाल

Patna News: पटना के रामचक बैरिया में 514 करोड़ रुपये की लागत से वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट लगाया जाएगा। कूड़े से रोज 15 मेगावाट बिजली उत्पादन की योजना, 12 नगर निकायों का कचरा होगा इस्तेमाल।

Patna News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Patna News: पटना और आसपास के 12 नगर निकायों से निकलने वाले कूड़े का अब इस्तेमाल बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा। इसके लिए पटना नगर निगम और 12 नगर निकायों के बीच समझौता (MoU) किया गया। इस परियोजना के तहत रामचक बैरिया में 514 करोड़ रुपये की लागत से वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित किया जाएगा।



इस प्लांट में प्रतिदिन कूड़े से 15 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। परियोजना में पटना नगर निगम नोडल एजेंसी की भूमिका निभाएगा, जबकि हैदराबाद की एक निजी कंपनी प्लांट का निर्माण और बिजली उत्पादन का काम करेगी।



बैठक के दौरान सभी नगर निकायों के प्रतिनिधियों को परियोजना की पूरी जानकारी दी गई। योजना के तहत पटना सहित आसपास के 12 नगर निकायों से रोज करीब 900 मीट्रिक टन कूड़ा रामचक बैरिया स्थित प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। बिजली उत्पादन के लिए प्रतिदिन लगभग 1400 मीट्रिक टन कूड़े की जरूरत होगी।



वर्तमान में पटना शहर से रोज करीब 600 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। शेष कूड़े की व्यवस्था आसपास के नगर निकायों से की जाएगी। MoU के बाद इन नगर निकायों में जमा होने वाले कचरे को चकबैरिया लाकर बिजली उत्पादन में इस्तेमाल किया जाएगा।



वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के साथ ही यहां कंपोस्ट और खाद बनाने की इकाई भी स्थापित की जाएगी। परियोजना का निर्माण कार्य करीब 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रामचक बैरिया में स्थित 86 एकड़ के डंप यार्ड में पुराने कचरे (लीगेसी वेस्ट) के निस्तारण का काम तेजी से चल रहा है। 



अब तक करीब 40 एकड़ जमीन खाली कराई जा चुकी है, ताकि वहां बिजली प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। इस परियोजना से जहां कचरे के निपटारे की समस्या कम होगी, वहीं स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता