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पूर्वी चंपारण में बाढ़ का खतरा बढ़ा: सिकरहना नदी उफान पर, कई गांवों में तेज कटाव से दहशत

Bihar Flood Alert: नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर अब पूर्वी चंपारण में दिखाई देने लगा है। सिकरहना नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में बाढ़ और तेज कटाव का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर निगरानी बढ़ा दी है, जबकि ग्रामीण सुरक्षा...

पूर्वी चंपारण में बाढ़ का खतरा बढ़ा: सिकरहना नदी उफान पर, कई गांवों में तेज कटाव से दहशत
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar Flood Alert: नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर अब बिहार के कुछ जिलों में साफ दिखने लगा है. सिकरहना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे पूर्वी चंपारण जिले के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है. नदी किनारे बसे गांवों में तेज कटाव शुरू हो गया है. इससे ग्रामीणों में डर का माहौल है और लोग अपने घरों व खेती की जमीन को लेकर चिंतित हैं.


जानकारी के मुताबिक, सिकरहना नदी सुगौली, चकिया, मधुबन, पकड़ी दयाल और चिरैया प्रखंड से होकर गुजरती है. पिछले कुछ दिनों से नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी में पानी तेजी से बढ़ रहा है. प्रशासन भी जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है.


बरनावा, कटहा, लखौरा समेत कई नदी किनारे के गांवों में कटाव काफी तेज हो गया है. कई जगहों पर नदी धीरे-धीरे खेतों और आबादी की ओर बढ़ रही है. कटाव की वजह से लोगों में दहशत है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द कटाव रोकने के उपाय नहीं किए गए तो कई घर और खेती की जमीन नदी में समा सकती है.


ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द कटाव रोकने के लिए सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि समय रहते ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि जान-माल का नुकसान रोका जा सके.


इधर, पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया है. प्रशासन की ओर से तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है और बाढ़ प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि नेपाल में हो रही बारिश और नदियों के जलस्तर की हर पल मॉनिटरिंग की जा रही है. फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी कर ली गई है.


पूर्वी चम्पारण से सोहराब आलम की रिपोर्ट