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Bihar Plastic Ban : अब नहीं चलेगा पॉलीथिन का खेल! पटना DM का बड़ा ऐलान, नियम तोड़ा तो होगी सख्त कार्रवाई

पटना में पॉलीथिन और प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। डीएम डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने लोगों से पर्यावरण बचाने के लिए कपड़े और पेपर बैग इस्तेमाल करने की अपील की है।

Patna Polythene Ban
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Tejpratap
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Bihar Plastic Ban : पटना में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। राजधानी में लगातार बढ़ते प्रदूषण और जलजमाव की समस्या के बीच पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने पॉलीथिन और प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल पर सख्त रुख अपनाते हुए लोगों को चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि पॉलीथिन अब सिर्फ एक सुविधा का साधन नहीं, बल्कि पर्यावरण और जनजीवन के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। ऐसे में इसके इस्तेमाल को पूरी तरह रोकना बेहद जरूरी है।


जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से पहले ही पॉलीथिन पर प्रतिबंध लागू किया जा चुका है, लेकिन अब इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा। प्रशासन ने बाजारों, दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तय मानकों से अधिक मोटाई वाले पॉलीथिन के उपयोग पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब कठोर कदम उठाए जाएंगे।


डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने कहा कि प्लास्टिक और पॉलीथिन ऐसी सामग्री है जो वर्षों तक नष्ट नहीं होती। यह मिट्टी और पानी दोनों को प्रदूषित करती है और पर्यावरण संतुलन पर गंभीर असर डालती है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि शहरों और ग्रामीण इलाकों में आवारा पशु अक्सर खाने की तलाश में पॉलीथिन निगल लेते हैं, जिससे उनकी जान तक चली जाती है। यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है और इसे रोकने के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा।


उन्होंने यह भी कहा कि राजधानी पटना में जलजमाव की बड़ी वजहों में पॉलीथिन भी शामिल है। लोग इस्तेमाल के बाद पॉलीथिन को नालियों और सड़कों पर फेंक देते हैं, जिससे ड्रेनेज सिस्टम जाम हो जाता है। बारिश के दौरान यही पॉलीथिन पानी की निकासी रोकता है और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो जाते हैं। प्रशासन का मानना है कि यदि लोग प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद कर दें तो शहर की सफाई व्यवस्था और जल निकासी दोनों में काफी सुधार हो सकता है।


जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि लोग अपनी आदतों में बदलाव लाएं। उन्होंने लोगों को कपड़े के थैले, जूट बैग, पेपर बैग और अन्य पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी सावधानियां भविष्य में बड़े बदलाव ला सकती हैं।


प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष जांच अभियान चलाए जाएंगे। प्रतिबंधित पॉलीथिन का इस्तेमाल करते पाए जाने पर जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके साथ ही जागरूकता अभियान के जरिए लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जाएगा।


डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने कहा कि पर्यावरण को बचाने की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार या प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की है। अगर समाज मिलकर इस अभियान में सहयोग करे तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण दिया जा सकता है। प्रशासन का यह संदेश अब सिर्फ सरकारी आदेश नहीं, बल्कि पर्यावरण बचाने की गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।