राजधानी पटना में पुलिस को अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कुख्यात दया दूबे गैंग पर शिकंजा कसते हुए उसके सरगना दया दूबे समेत कई अपराधियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियार, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार अपराधियों के कब्जे से एक देशी पिस्टल, एक देशी कट्टा, 10 जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि यह गैंग लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था और कई गंभीर वारदातों में शामिल रहा है।
दरअसल, पूरे मामले की शुरुआत 22 मई को हुई थी, जब बिहटा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला और गोलीबारी की घटना सामने आई थी। इस मामले में दया दूबे और उसके सहयोगियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया।
गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया। जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले गैंग के सक्रिय सदस्य आदित्य कुमार, सचिन कुमार, रजत कुमार और विशाल कुमार को गिरफ्तार किया। इनकी गिरफ्तारी के समय हथियार भी बरामद किए गए थे।
इसके बाद 1 जून को पुलिस को एक महत्वपूर्ण गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर छापेमारी कर गैंग के सरगना दया दूबे और उसके सहयोगी अभिषेक कुमार उर्फ अभि को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए ओम सिंह और शिवम कुमार को भी दबोच लिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। इनके खिलाफ हत्या, रंगदारी, लूट, आर्म्स एक्ट और अन्य संगीन मामलों से जुड़े कई केस विभिन्न थानों में दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दया दूबे गैंग क्षेत्र में दहशत फैलाने और आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए कुख्यात रहा है। गैंग के सदस्यों की गिरफ्तारी से इलाके में अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।





