PMCH Junior Doctors Strike: पटना में मरीजों की बढ़ने वाली है परेशानी, हड़ताल पर गए PMCH के जूनियर डॉक्टर; ओपीडी सेवा ठप

PMCH Junior Doctors Strike: पटना PMCH के जूनियर डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ोतरी और सुरक्षा की मांग को लेकर मंगलवार से ओपीडी सेवाएं बंद करने का ऐलान किया। डॉक्टरों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Aug 26, 2025, 12:29:37 PM

PMCH Junior Doctors Strike

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PMCH Junior Doctors Strike: पटना के पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों ने इंटर्नशिप स्टाइपेंड में बढ़ोतरी और सुरक्षा की मांग को लेकर मंगलवार को हड़ताल का ऐलान किया है। डॉक्टरों ने बताया कि सरकार से कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद उनकी मांगों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। इसी के विरोधस्वरूप मंगलवार से अस्पताल की ओपीडी सेवाएं बाधित रहेंगी।


जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि यह कदम उन्होंने मजबूरी में उठाया है ताकि उनकी आवाज सरकार तक पहुंचे और उन्हें उचित मानदेय मिल सके। उन्होंने बताया कि नियम के अनुसार हर तीन साल में स्टाइपेंड का पुनरीक्षण होना चाहिए, लेकिन लंबे समय से इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।


एसोसिएशन के अनुसार, वर्तमान में उन्हें मात्र 20,000 मासिक स्टाइपेंड मिलता है, जबकि महंगाई और कार्यभार को देखते हुए यह राशि 40,000 तक की जानी चाहिए। एसोसिएशन ने सोमवार को यह भी कहा कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानी, तो ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से बंद कर दी जाएंगी।


डॉक्टरों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा हर तीन साल में स्टाइपेंड बढ़ाने के नियम का पालन नहीं किया गया है। वे इससे पहले भी कई बार अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर चुके हैं, जिसके चलते ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुई थीं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।


इसके साथ ही, डॉक्टरों ने पटना एम्स में विधायक चेतन आनंद के साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए अपनी सुरक्षा की मांग भी दोहराई है। उन्होंने घटना से संबंधित एफआईआर को गलत बताया और उसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। साथ ही, अस्पताल प्रशासन से अनुरोध किया है कि रेज़िडेंट डॉक्टरों और सुरक्षा कर्मियों को पूर्ण कानूनी सहायता प्रदान की जाए।