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Nitin Nabin : पटना में स्कूली बच्चों ने BJP झंडा थामकर किया नितिन नवीन का स्वागत, बोले- परीक्षा के बाद टीचर ने भेजा

पटना में नितिन नवीन के स्वागत में प्राइवेट स्कूल के बच्चों का इस्तेमाल, हाथ में भाजपा झंडा थामकर नारेबाजी, स्कूल ने पढ़ाई के बाद भेजा।

Nitin Nabin : पटना में स्कूली बच्चों ने BJP झंडा थामकर किया नितिन नवीन का स्वागत, बोले- परीक्षा के बाद टीचर ने भेजा
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Nitin Nabin : बिहार की राजधानी पटना में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत को लेकर एक अलग खबर सामने आई है। नितिन नवीन, जो पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक भी हैं, को हाल ही में भाजपा द्वारा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद वह दिल्ली गए और वहां पदभार ग्रहण किया। अब वह अपने गृह नगर पटना लौट आए हैं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया।


हालांकि, इस स्वागत कार्यक्रम में एक अनोखी घटना देखने को मिली। एक प्राइवेट स्कूल के बच्चों को कार्यक्रम में बुलाया गया और उनके हाथों में भाजपा का झंडा थमा दिया गया। बच्चे देशभक्ति और वीर जवानों के गानों पर नाचते और गाते नजर आए। स्कूली ड्रेस में आई कार्ड लगाए हुए बच्चे नितिन नवीन के लिए नारेबाजी कर रहे थे।


फर्स्ट बिहार की संवाददाता जब बच्चों से पूछती है कि आप यहां क्यों आए हैं, तो बच्चे सीधे जवाब देते हैं। आठवीं क्लास के एक छात्र ने कहा कि वे एग्जाम के बाद स्कूल के आदेश पर यहां आए हैं। वहीं सातवीं के एक छात्र ने कहा कि उनका टीचर उन्हें नितिन नवीन के स्वागत के लिए लाया है। बच्चों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल कार्यक्रम में शामिल होना और स्वागत करना था।


विशेषज्ञ और राजनीतिक विश्लेषक इस घटना पर चिंता जता रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों का राजनीतिक कार्यक्रमों में इस्तेमाल करना उचित नहीं है। बच्चों को अपनी शिक्षा और खेल-कूद जैसी गतिविधियों में शामिल होना चाहिए, न कि राजनीतिक आयोजनों में। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को किसी पार्टी के समर्थन में खड़ा करना नैतिक रूप से गलत हो सकता है।


नितिन नवीन ने दिल्ली में पदभार ग्रहण करने के बाद पटना लौटकर अपने स्वागत कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे। लेकिन बच्चों का इसमें शामिल होना और भाजपा झंडा थामकर नारेबाजी करना मीडिया और आम जनता के लिए आश्चर्यजनक रहा।


बच्चों का कहना था कि वे केवल स्कूल और टीचर के कहने पर यहां आए। हालांकि, कई लोगों ने इसे बच्चों का राजनीतिक इस्तेमाल मानते हुए आलोचना की। सोशल मीडिया पर भी यह विषय चर्चा का केंद्र बन गया। कई लोगों ने कहा कि बच्चों को राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल करना अनुचित है।


इस घटना ने यह सवाल उठाया है कि क्या स्कूलों और शिक्षा संस्थानों के माध्यम से बच्चों को राजनीतिक आयोजनों में शामिल किया जा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बच्चों को केवल पढ़ाई, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेना चाहिए।


कार्यक्रम के दौरान बच्चे उत्साह के साथ नारे लगा रहे थे और उनके हाथों में भाजपा झंडे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह भागीदारी बच्चों की अपनी इच्छा से नहीं बल्कि स्कूल के आदेश पर थी।पटना में नितिन नवीन के स्वागत कार्यक्रम में बच्चों की भागीदारी ने एक नई बहस पैदा कर दी है। पार्टी समर्थक इसे उत्साह का प्रदर्शन मानते हैं, जबकि आलोचक इसे बच्चों का राजनीतिक इस्तेमाल मानते हैं। यह मामला बिहार में बच्चों और राजनीति की सीमाओं पर सवाल उठाता है।