1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 31 Jan 2026 10:23:26 AM IST
- फ़ोटो
Patna CBI Investigation : बिहार सरकार के गृह विभाग ने एक अहम अधिसूचना जारी करते हुए दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (सीबीआई) को पटना जिले के चर्चित चित्रगुप्त नगर थाना कांड संख्या 14/2026 की जांच की अनुमति दे दी है। इस आदेश के बाद अब इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की जाएगी। यह निर्णय बिहार पुलिस पर मामले की जांच में ढिलाई और लापरवाही के आरोपों के बीच लिया गया है, जिससे इस केस की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
सरकारी आदेश के अनुसार, यह अनुमति दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के तहत दी गई है। अधिसूचना में उल्लेख है कि बिहार के राज्यपाल ने इस मामले में सीबीआई को जांच, पर्यवेक्षण और आवश्यक अन्य कार्रवाई के लिए राज्य में अधिकार क्षेत्र प्रदान किया है। यह आदेश पटना के चित्रगुप्त नगर थाना में दर्ज कांड संख्या 14/2026, दिनांक 9 जनवरी 2026, से संबंधित है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अधिसूचना के अनुसार, सीबीआई को इस मामले में न केवल जांच करने बल्कि आवश्यक कार्रवाई के लिए बिहार राज्य और उससे जुड़े अन्य स्थानों पर भी शक्तियों का प्रयोग करने की अनुमति दी गई है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि अब इस केस की जांच राज्य पुलिस नहीं बल्कि केंद्रीय एजेंसी करेगी, जिससे मामले की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों का समाधान हो सके।
गृह विभाग द्वारा जारी इस आदेश की प्रतिलिपि बिहार उच्च न्यायालय के अधिवक्ता, सरकारी मुख्यालय, गुलजारबाग, पटना सहित कई विभागों और अधिकारियों को भेजी गई है। इसमें पुलिस महानिदेशक, बिहार; पुलिस महानिरीक्षक, केंद्रीय क्षेत्र, पटना; तथा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, पटना के अधिकारियों को भी सूचित किया गया है ताकि जांच प्रक्रिया को शीघ्र और सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जा सके।
इसके अलावा, पुलिस महानिरीक्षक, केंद्रीय क्षेत्र, पटना से यह भी अनुरोध किया गया है कि मामले से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार इस मामले की जांच में किसी भी तरह की देरी नहीं चाहती और जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाने के पक्ष में है।
इस आदेश के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि सीबीआई जांच से पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ेगी। वहीं, सरकार का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और जनता के विश्वास को मजबूत करने के लिए यह कदम जरूरी था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यह भी माना जा रहा है कि सीबीआई जांच से कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं, जो अब तक राज्य पुलिस की जांच में सामने नहीं आ पाए थे। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि केंद्रीय एजेंसी इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से जांच पूरी करती है।
कुल मिलाकर, बिहार सरकार का यह फैसला न केवल इस विशेष मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि गंभीर मामलों में राज्य सरकार केंद्रीय एजेंसियों की मदद लेने से पीछे नहीं हटेगी।