Bihar SC ST hostel scheme : बिहार में एससी-एसटी छात्रों की शिक्षा को लेकर ऐतिहासिक पहल, हर प्रखंड में बनेंगे छात्रावास; 4896 शिक्षकों की बंपर बहाली

बिहार सरकार ने एससी-एसटी छात्रों की शिक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी 534 प्रखंडों में छात्रावास बनेंगे, स्कॉलरशिप दोगुनी होगी और नए आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 31 Jan 2026 11:48:06 AM IST

Bihar SC ST hostel scheme : बिहार में एससी-एसटी छात्रों की शिक्षा को लेकर ऐतिहासिक पहल, हर प्रखंड में बनेंगे छात्रावास; 4896 शिक्षकों की बंपर बहाली

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Bihar SC ST hostel scheme : बिहार सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के छात्रों की शिक्षा को मजबूत आधार देने के लिए एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। अब पढ़ाई के साथ-साथ सुरक्षित आवास की सुविधा किसी गिने-चुने शहरों या जिलों तक सीमित नहीं रहेगी। राज्य के सभी 534 प्रखंडों में एससी-एसटी छात्रों के लिए छात्रावास बनाए जाएंगे। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना को अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।


हर प्रखंड में हॉस्टल, 276 को मिली स्वीकृति

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने पटना के संवाद सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राज्य में इस समय 139 छात्रावास संचालित हैं, जबकि 60 नए छात्रावासों के निर्माण को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से कई स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू भी हो गया है।


मंत्री ने जानकारी दी कि 276 प्रखंडों में छात्रावास निर्माण की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है, जबकि शेष प्रखंडों को आने वाले चरणों में कवर किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी एससी-एसटी छात्र को सिर्फ आवास की कमी के कारण पढ़ाई से वंचित न होना पड़े।


आवासीय विद्यालयों को मिलेगी नई ताकत

बिहार में फिलहाल 91 एससी-एसटी आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जहां छात्रों को निशुल्क आवास, भोजन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा दी जा रही है। इन विद्यालयों के छात्रों ने नीट, जेईई जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर राज्य का नाम रोशन किया है।


सरकार ने इन आवासीय विद्यालयों को और सशक्त बनाने के लिए 4896 शिक्षकों की नियुक्ति का बड़ा निर्णय लिया है। इसके लिए प्रस्ताव बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दिया गया है। साथ ही 28 नए आवासीय विद्यालयों को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों के छात्रों को भी बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।


स्कॉलरशिप की राशि होगी दोगुनी

एससी-एसटी छात्रों के लिए सरकार ने एक और अहम फैसला लेते हुए प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप की राशि दोगुनी करने का निर्णय लिया है। कक्षा 1 से 10 तक के छात्रों की प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप बढ़ा दी गई है। वहीं, आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों की स्कॉलरशिप भी जल्द दोगुनी की जाएगी।आईटीआई छात्रों को 7500 रुपये, डिप्लोमा और पॉलिटेक्निक छात्रों को 15 हजार रुपये, तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा लेने वाले छात्रों को 25 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।


सावित्रीबाई फुले हॉस्टल योजना को रफ्तार

सरकार की सावित्रीबाई फुले छात्रावास योजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके तहत हर जिले में 100 बेड वाला हॉस्टल खोला जाएगा। अब तक 18 जिलों में भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों को 15 किलो अनाज के साथ-साथ मुख्यमंत्री छात्रावास अनुदान योजना के तहत 1000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।


बढ़ती आबादी के हिसाब से योजनाओं का विस्तार

विभागीय सचिव संदीप आर. पुडकलकट्टी ने बताया कि 2011 की जनगणना में बिहार में एससी-एसटी आबादी 17.19 प्रतिशत थी, जो 2022 में बढ़कर 23.01 प्रतिशत हो चुकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार शिक्षा, आवास और आर्थिक सहायता से जुड़ी योजनाओं का लगातार विस्तार कर रही है।


कुल मिलाकर, बिहार सरकार का यह कदम सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक मजबूत प्रयास माना जा रहा है, जिससे हजारों एससी-एसटी छात्रों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे और उनका भविष्य संवर सकेगा।