1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sat, 31 Jan 2026 01:02:24 PM IST
प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar Bhumi: बिहार में बुजुर्गों और असहाय लोगों के लिए जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया अब आसान होने जा रही है। राज्य सरकार ने रजिस्ट्री व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए घर बैठे जमीन रजिस्ट्री की सुविधा शुरू करने का फैसला किया है। यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल से ई-निबंधन पोर्टल में बदलाव के साथ लागू होगी। इसके तहत 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग मात्र 400 रुपये शुल्क देकर अपने घर से ही जमीन की रजिस्ट्री करा सकेंगे।
अब तक जमीन रजिस्ट्री के लिए लोगों को निबंधन कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। बुजुर्ग, बीमार और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों के लिए यह प्रक्रिया काफी कठिन साबित होती थी। कई मामलों में रजिस्ट्रार या कर्मियों की उपलब्धता पर रजिस्ट्री निर्भर रहने से देरी और असुविधा होती थी। सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि उम्रदराज लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नई व्यवस्था के तहत ई-निबंधन पोर्टल के सॉफ्टवेयर में तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं। पात्र आवेदक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करेंगे। इसके बाद तय तिथि पर निबंधन कार्यालय से अधिकृत अधिकारी आवेदक के घर पहुंचेंगे। वहीं पर फोटो, बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेजों की जांच के बाद रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस सेवा के लिए केवल 400 रुपये का नाममात्र शुल्क लिया जाएगा।
यह सुविधा विशेष रूप से 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए शुरू की जा रही है। साथ ही शारीरिक रूप से असमर्थ लोग और वे लोग जिनके पास देखभाल के लिए कोई परिजन नहीं हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। आंकड़ों के अनुसार बिहार में 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों की संख्या करीब 48 लाख से ज्यादा है, ऐसे में यह पहल लाखों परिवारों के लिए राहत लेकर आएगी।
सरकार का कहना है कि यह कदम “डिजिटल ईज ऑफ लिविंग” की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जमीन रजिस्ट्री जैसी जटिल प्रक्रिया को सरल बनाकर नागरिकों का समय, पैसा और श्रम बचाने का प्रयास किया जा रहा है। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद सभी दस्तावेज डिजिटल रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
ई-निबंधन पोर्टल के तकनीकी अपडेट का काम फरवरी तक पूरा कर लिया जाएगा, ताकि 1 अप्रैल से यह सुविधा राज्यभर में सुचारू रूप से लागू की जा सके। इसके लिए सभी निबंधन कार्यालयों को आवश्यक उपकरण और प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।