ब्रेकिंग
पूर्वी चंपारण में वाटर पार्क भूमि अधिग्रहण पर विवाद बढ़ा, सांसद सुधाकर सिंह ने ट्रैक्टर चलाकर जताया विरोधबिहार के इस जिले में वर्षों से जमे 450 कर्मियों का एक साथ तबादला, DM के फैसले से हड़कंपहाईटेंशन तार की चपेट में आए मकान मालिक समेत तीन लोग, निर्माण कार्य के दौरान हुआ बड़ा हादसाहर्ष फायरिंग केस में दोषी BJP विधायक राजू सिंह की सजा पर फैसला सुरक्षित, शनिवार को आएगा कोर्ट का अंतिम निर्णय; मिलेगी राहत या जाएंगे जेल?टेंडर घोटाला : BAS अफसर मुमुक्ष चौधरी के खिलाफ 'निगरानी' ने 4 माह पूर्व ही रेड में 2 करोड़ रू मिलने की दी थी जानकारी, जेल जाने के बाद अब हुए 'सस्पेंड' पूर्वी चंपारण में वाटर पार्क भूमि अधिग्रहण पर विवाद बढ़ा, सांसद सुधाकर सिंह ने ट्रैक्टर चलाकर जताया विरोधबिहार के इस जिले में वर्षों से जमे 450 कर्मियों का एक साथ तबादला, DM के फैसले से हड़कंपहाईटेंशन तार की चपेट में आए मकान मालिक समेत तीन लोग, निर्माण कार्य के दौरान हुआ बड़ा हादसाहर्ष फायरिंग केस में दोषी BJP विधायक राजू सिंह की सजा पर फैसला सुरक्षित, शनिवार को आएगा कोर्ट का अंतिम निर्णय; मिलेगी राहत या जाएंगे जेल?टेंडर घोटाला : BAS अफसर मुमुक्ष चौधरी के खिलाफ 'निगरानी' ने 4 माह पूर्व ही रेड में 2 करोड़ रू मिलने की दी थी जानकारी, जेल जाने के बाद अब हुए 'सस्पेंड'

BIHAR NEWS : पटना में बड़ी पहल! अब गांव-गांव पहुंचेगी मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन, मुफ्त होगी खाद्य पदार्थों की जांच

पटना में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन का दायरा अब शहर से निकलकर गांवों तक बढ़ाया जा रहा है। इस वैन में दूध, तेल, मसाले, फल, सब्जियां और अन्य खाद्य पदार्थों की मौके पर मुफ्त प्रारंभिक जांच होगी। मिलावट मिलने पर स

BIHAR NEWS : पटना में बड़ी पहल! अब गांव-गांव पहुंचेगी मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन, मुफ्त होगी खाद्य पदार्थों की जांच
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

BIHAR NEWS : राजधानी पटना में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच को मजबूत बनाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अब मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन की सुविधा केवल शहर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे ग्रामीण इलाकों और सभी अनुमंडलों तक भी विस्तार दिया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचाना, खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और मौके पर ही प्रारंभिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराना है।


विभाग के अनुसार, आने वाले समय में मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन की संख्या बढ़ाई जाएगी ताकि अधिक से अधिक लोगों तक यह सेवा पहुंच सके। इसके जरिए गांवों में रहने वाले लोग भी बिना किसी शुल्क के अपने दैनिक उपयोग के खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की प्रारंभिक जांच करा सकेंगे।


दूध, तेल, मसाले और सब्जियों की होगी जांच

मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन में आधुनिक जांच उपकरण लगाए गए हैं, जिनकी मदद से दूध, खाद्य तेल, मसाले, फल, सब्जियां, मिठाइयां और अन्य खाद्य एवं पेय पदार्थों की प्रारंभिक जांच मौके पर ही की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्ति को तुरंत प्रारंभिक रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वह खाद्य सामग्री की गुणवत्ता के बारे में जानकारी प्राप्त कर सके। हालांकि, यदि किसी खाद्य पदार्थ में गंभीर अनियमितता या मिलावट की आशंका सामने आती है, तो उसका नमूना विस्तृत परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।


FSSAI के दिशा-निर्देशों के तहत चल रही व्यवस्था

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी व्यवस्था भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जा रही है। देश के कई राज्यों की तरह बिहार में भी मोबाइल फूड सेफ्टी लैब के माध्यम से खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश जी कश्यप के अनुसार, इस पहल का मकसद लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के साथ-साथ मिलावटखोरों पर प्रभावी निगरानी रखना है।


ग्रामीण इलाकों के लिए बनेगा विशेष रोस्टर

विभाग मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन के संचालन के लिए अलग से रोस्टर तैयार करेगा। तय कार्यक्रम के अनुसार टीम विभिन्न अनुमंडलों, प्रखंडों, थाना क्षेत्रों और ग्रामीण बाजारों में पहुंचेगी। वहां आम लोगों के साथ खाद्य कारोबारियों को भी खाद्य सुरक्षा मानकों, स्वच्छता और मिलावट से बचाव के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भी खाद्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।


मिलावट मिलने पर होगी कानूनी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति या कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई का स्वरूप जांच रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगा।


जागरूकता अभियान भी चलेगा

मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन केवल जांच तक सीमित नहीं रहेगी। विभाग की टीम लोगों को यह भी बताएगी कि घर पर मिलावट की पहचान कैसे की जा सकती है, सुरक्षित खाद्य पदार्थों का चयन किन बातों को ध्यान में रखकर करना चाहिए और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियम क्या हैं। इससे उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ेगी और मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ सामाजिक स्तर पर भी सतर्कता बढ़ाने में मदद मिलेगी।


सरकारी स्कूलों में भी जारी है निगरानी

खाद्य सुरक्षा विभाग पहले से ही राजधानी के कई सरकारी विद्यालयों में मिड-डे मील की गुणवत्ता की जांच कर रहा है। विभाग का कहना है कि भविष्य में इस अभियान का दायरा और बढ़ाया जाएगा ताकि बच्चों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके।मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन के ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तार से उम्मीद की जा रही है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट पर प्रभावी रोक लगेगी और लोगों को अपने खाने-पीने की वस्तुओं की गुणवत्ता जांचने के लिए आसानी से सरकारी सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।