1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 01 Feb 2026 09:14:25 AM IST
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Mahatma Gandhi Setu : पटना और हाजीपुर के बीच आवागमन करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। पथ निर्माण विभाग की ओर से महात्मा गांधी सेतु के समानांतर बनाए जा रहे फोर लेन पुल का निर्माण कार्य इस वर्ष दिसंबर तक पूरा होने का दावा किया गया है। इस नए पुल के बन जाने से न केवल राजधानी पटना और आसपास के जिलों के लोगों को लंबा समय जाम में फंसने से छुटकारा मिलेगा, बल्कि उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यातायात भी सुगम हो जाएगा।
करीब साढ़े चार दशक पहले एनएच-19 पर बने महात्मा गांधी सेतु पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए इसका समानांतर फोर लेन पुल बनाने का निर्णय लिया गया था। इस परियोजना की रूपरेखा भारत सरकार की अनुशंसा पर तैयार की गई। योजना के अनुसार दोनों तरफ से 14.5 किलोमीटर लंबी सड़क को जोड़ते हुए 5.5 किलोमीटर लंबा पुल बनाया जा रहा है। पथ निर्माण विभाग ने 2021 में इस पुल निर्माण कार्य की शुरुआत की थी और इसे एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पुल निर्माण का कार्य अब तक लगभग 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है। निर्माण की वर्तमान गति को देखते हुए अनुमान है कि दिसंबर 2026 तक यह कार्य समाप्त हो जाएगा। पुल बनते ही पटना समेत जहानाबाद, अरवल, गया, औरंगाबाद, नालंदा, नवादा आदि जिलों से उत्तर बिहार के लिए और छपरा, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सारण, सीवान, गोपालगंज आदि जिलों से दक्षिण बिहार के लिए यातायात की सुविधा आसान हो जाएगी।
महात्मा गांधी सेतु का निर्माण करीब साढ़े चार दशक पहले हुआ था और पिछले कुछ वर्षों में इसके सुपर स्ट्रक्चर में कई बदलाव किए गए थे। हालांकि, फोर लेन ब्रिज होने के बावजूद इस सेतु पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता गया। इसके चलते लोगों को घंटों जाम में फंसने की समस्या का सामना करना पड़ता रहा। इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने गांधी सेतु के समानांतर फोर लेन ब्रिज बनाने का सुझाव दिया और इसके लिए 2,926.42 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया।
नए पुल का निर्माण पूरा होने के बाद न केवल आवागमन में तेजी आएगी, बल्कि यह पुल क्षेत्रीय विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि इस पुल के निर्माण से पटना और हाजीपुर के बीच बसों, निजी वाहनों और मालगाड़ियों की आवाजाही सुचारू हो जाएगी। इसके अलावा, पुराने महात्मा गांधी सेतु पर वाहनों का दबाव कम होने से दुर्घटना का खतरा भी घट जाएगा।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पुल निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा को सर्वोपरि रखा गया है। नए पुल का डिज़ाइन आधुनिक तकनीक पर आधारित है और यह सभी सुरक्षा मानकों के अनुरूप है। पुल के निर्माण में फाउंडेशन से लेकर सुपर स्ट्रक्चर तक सभी चरणों में नवीनतम इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
पुल का निर्माण पूरा होने के बाद पटना से हाजीपुर और उससे आगे के जिलों में लोगों को यात्रा में समय की बचत के साथ-साथ सुविधा और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। अधिकारियों ने कहा कि यह पुल बिहार के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है, जो राज्य के यातायात नेटवर्क को और मजबूत बनाएगी।
इस परियोजना की सफलता से यह भी उम्मीद है कि भविष्य में राज्य के अन्य पुराने और जाम प्रवण पुलों के नवीनीकरण और समानांतर पुल निर्माण की योजना को भी तेजी मिलेगी। महात्मा गांधी सेतु के समानांतर बन रहे इस नए फोर लेन ब्रिज के निर्माण से पटना और हाजीपुर समेत आसपास के जिलों के निवासियों के लिए यातायात और समय की बचत में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा।