Bihar Bhumi : बिहार में राजस्व कर्मचारियों के लिए नई ट्रेनिंग, विजय सिन्हा ने दी अंतिम चेतावनी

बिहार में 4904 राजस्व कर्मचारियों को 15 दिन की अमीन ट्रेनिंग दी जाएगी। मंत्री विजय सिन्हा ने कहा, मार्च तक सुधार नहीं तो नौकरी जाएगी। जमीन मापी और दाखिल-खारिज में सुधार होगा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 01 Feb 2026 10:02:11 AM IST

Bihar Bhumi : बिहार में राजस्व कर्मचारियों के लिए नई ट्रेनिंग, विजय सिन्हा ने दी अंतिम चेतावनी

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Bihar Bhumi : बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य के सभी 4904 राजस्व कर्मचारियों के लिए नई दिशा निर्देश जारी किए हैं। अब सभी कर्मचारियों को अमानत यानी कि अमीन के कामकाज की बारीकियों को सीखना अनिवार्य होगा। इसके तहत विभाग ने 15 दिन की विशेष ट्रेनिंग आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस प्रशिक्षण में कर्मचारियों को जमीन मापी से जुड़े सभी पहलुओं से रूबरू कराया जाएगा। इसमें पुराने मापी मेथड के साथ-साथ नए तकनीकी डिवाइस और डिजिटल मापी उपकरणों की जानकारी भी दी जाएगी।


सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस ट्रेनिंग का मकसद जमीन से जुड़ी प्रक्रियाओं में तेजी और पारदर्शिता लाना है। विभाग का कहना है कि इस नई पहल से जमीन से संबंधित समस्याओं का तुरंत और प्रभावी समाधान संभव होगा। जमीन मापी, दाखिल-खारिज, जमाबंदी और राजस्व वसूली जैसे कार्यों में कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। विभाग ने सभी जिला कलेक्टर्स को पत्र लिखकर निर्देश जारी किए हैं कि प्रशिक्षण का समुचित आयोजन सुनिश्चित किया जाए।


राजस्व कर्मचारियों की जिम्मेदारियां

नए दिशा निर्देशों के तहत राजस्व कर्मचारियों को कई नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें प्रमुख हैं - जमीन से संबंधित सभी रिकॉर्ड तैयार करना और उनका रखरखाव। जमीन की राजस्व वसूली सुनिश्चित करना। भूमि स्वामित्व और ट्रांसफर संबंधी कार्य, जैसे दाखिल-खारिज और जमाबंदी निर्माण। संपत्ति और जमीन विवादों के निपटारे में सहयोग देना। सरकारी जमीन की जानकारी जुटाना और उसका अपडेट रखना।


विशेष रूप से यह प्रशिक्षण कर्मचारियों को तकनीकी उपकरणों और डिजिटल सिस्टम के उपयोग में दक्ष बनाने के लिए है। इससे न केवल प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि आम जनता को भी तेज़ और सही सेवाएं मिलेंगी।


दरभंगा में मंत्री विजय सिन्हा का सख्त संदेश

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय सिन्हा इस समय राज्य के विभिन्न जिलों में जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों की कार्यशैली पर निगरानी रख रहे हैं। हाल ही में वे दरभंगा पहुंचे, जहां उन्होंने कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी।


दरभंगा के जनसंवाद कार्यक्रम में एक महिला अपने पिता के इलाज और दाखिल-खारिज संबंधी परेशानियों के बारे में अधिकारियों से शिकायत करने पहुंची। महिला ने बताया कि पिछले एक साल से उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं और हर बार उन्हें खर्च और पानी की मांग के नाम पर परेशान किया गया। महिला के पिता पैरालाइसिस से पीड़ित हैं और उनका इलाज व ज़रूरी कार्यकाज संभालना बहुत मुश्किल हो गया है।


इस पर मंत्री विजय सिन्हा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सीधे चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि मार्च महीने तक कर्मचारी अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं लाते हैं, तो उनकी नौकरी चली जाएगी। उन्होंने मंच से साफ कहा कि बहुत से बेरोजगार उम्मीदवार नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं, इसलिए यह अंतिम चेतावनी है। मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों को जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना होगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


नई पहल से उम्मीदें

राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस नई ट्रेनिंग और कर्मचारियों पर सख्ती से राजस्व कार्यों की गुणवत्ता में सुधार आएगा। जमीन मापी, दाखिल-खारिज और सरकारी जमीन की जानकारी एक स्थान पर सटीक रूप से अपडेट होगी। इससे जनता को तेज़, पारदर्शी और भरोसेमंद सेवाएं मिलेंगी।


विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी जिला कलेक्टर्स को सुनिश्चित करना होगा कि प्रशिक्षण में सभी कर्मचारी भाग लें और उन्हें कामकाज की पूरी जानकारी दी जाए। इस पहल से बिहार में भूमि सुधार और राजस्व कार्यों में एक नई क्रांति आने की उम्मीद है।