बजट 2026: राष्ट्रीय जलमार्ग से जुड़ेगा पटना, बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का एलान; सी-फ्लेन योजना और आत्मनिर्भर भारत निधि में 2000 करोड़ का टॉपअप

बजट 2026 में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग, पटना में सी-फ्लेन योजना, आत्मनिर्भर भारत निधि में 2000 करोड़ का टॉपअप और SME विकास निधि जैसे कई बड़े आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रस्ताव पेश किए गए।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 01 Feb 2026 11:28:24 AM IST

बजट 2026:  राष्ट्रीय जलमार्ग से जुड़ेगा पटना, बजट भाषण में  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का एलान; सी-फ्लेन योजना और आत्मनिर्भर भारत निधि में 2000 करोड़ का टॉपअप

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में कई बड़े आर्थिक और विकास संबंधी प्रस्ताव पेश किए हैं, जो देश की इन्फ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा, सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी सेक्टर को नई दिशा देंगे। बजट में अगले पांच सालों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग शुरू करने की योजना का ऐलान किया गया है, जिससे लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी और माल ढुलाई में तेजी आएगी।


जलमार्गों के साथ ही सरकार कोस्टल कार्गो प्रमोशन स्कीम भी लागू करने जा रही है, जो समुद्री मार्गों के जरिए माल परिवहन को बढ़ावा देगी।  जिसमें पटना सहित देश के कुछ प्रमुख शहरों को शामिल किया गया है।वाटरवेज का इस्तेमाल करने के लिए ट्रेनिंग - वाराणसी और पटना को डेवलप करके इंटरनल वाटरवेज को डेवलप किया जाएगा। बजट में सी-फ्लेन वीजीएफ (Viability Gap Funding) स्कीम की भी शुरुआत की गई है, इससे तेज और किफायती हवाई मार्गों का विकास होगा, जो राज्य और केंद्रीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।


आर्थिक सुधारों के तहत आत्मनिर्भर भारत निधि में 2000 करोड़ रुपये के टॉपअप का प्रस्ताव पेश किया गया है। इसके अलावा, छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए एसएमई विकास निधि का गठन किया जाएगा, जिसकी कुल लागत लगभग 10,000 करोड़ रुपये होगी। यह निधि भारत के स्टार्टअप और एमएसएमई सेक्टर को सशक्त बनाने में मदद करेगी।


बजट में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए तीन रसायनिक पार्क और वृहद कपड़ा पार्क के गठन का प्रस्ताव भी शामिल है। इसका उद्देश्य भारत में निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र को मजबूत करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।


सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का मुख्य लक्ष्य भारतीय आईपी (Intellectual Property) के पूर्ण-खाके के लिए आवश्यक उपकरण और सामग्री का उत्पादन करना है। इससे देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और विदेशों पर निर्भरता कम होगी।


स्वास्थ्य और फार्मा सेक्टर में बजट 2026 ने कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे हैं। भारत को वैश्विक फार्मा हब बनाने की योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत देशभर में 1,000 क्लीनिकल ट्रायल्स को मंजूरी दी जाएगी और रेयर अर्थ मटीरियल पर विशेष फोकस रखा जाएगा। इसका उद्देश्य न केवल घरेलू स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है, बल्कि भारत को वैश्विक फार्मा और बायोटेक इंडस्ट्री में प्रमुख बनाने का भी है।


केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में वृद्धि, देश में नई तकनीक आधारित उद्योगों के लिए निवेश प्रोत्साहन, और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही, इस बजट में भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में कई उपाय सुझाए गए हैं।


बजट 2026 के ये प्रस्ताव देश के आर्थिक विकास, तकनीकी आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, इन पहलों से न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बल मिलेगा, बल्कि छोटे उद्योग और स्टार्टअप्स को भी नई संभावनाओं का लाभ मिलेगा।