Bihar rural road development : बिहार के ग्रामीण सड़कों में लागू होगी शहर जैसी सुरक्षा मानक, स्कूल-हॉस्पिटल के पास जेब्रा क्रॉसिंग अनिवार्य

Bihar rural road development : बिहार में अब ग्रामीण सड़कें भी शहर जैसी सुरक्षा सुविधाओं से लैस होंगी। राज्य के ग्रामीण कार्य विभाग ने सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी को देखते हुए यह निर्णय लिया है कि अब गांवों में बनने वाली सभी सड़कों में सुरक्षा मानकों

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 01 Feb 2026 08:13:32 AM IST

Bihar rural road development : बिहार के ग्रामीण सड़कों में लागू होगी शहर जैसी सुरक्षा मानक, स्कूल-हॉस्पिटल के पास जेब्रा क्रॉसिंग अनिवार्य

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Bihar rural road development : बिहार में अब गांव की सड़कों में भी शहर जैसी सुरक्षा सुविधाएं लागू होंगी। राज्य के ग्रामीण इलाकों में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए ग्रामीण कार्य विभाग ने यह निर्णय लिया है कि अब गांवों में बनने वाली सभी सड़कों में सड़क सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा। इसके तहत स्कूल, अस्पताल और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के पास जेब्रा क्रॉसिंग बनाई जाएगी, तीखे मोड़, पुल-पुलिया और घुमावदार सड़कों पर वाहन चलाने की गति सीमा लिखी जाएगी और सड़क सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन किया जाएगा।


दरअसल, बीते कुछ वर्षों में ग्रामीण इलाकों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले ग्रामीण इलाकों में एक साल में लगभग तीन हजार दुर्घटनाएं होती थीं, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर चार हजार के करीब हो गई है। कुल दुर्घटनाओं में लगभग एक तिहाई हादसे ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे हैं। यही कारण है कि ग्रामीण कार्य विभाग ने अब गांवों की सड़कों को सुरक्षित बनाने की दिशा में विशेष पहल की है।


विभाग के सचिव दिवेश सेहरा ने सभी इंजीनियरों को निर्देश दिए हैं कि वे कार्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर नई सड़कों के निर्माण और पुरानी सड़कों की मरम्मत के दौरान सड़क सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की स्वतंत्र निगरानी की जाए और इसके लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसे अगली समीक्षा बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।


सचिव ने विशेष रूप से यह निर्देश दिया कि स्कूल और अस्पतालों के समीप जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विभागीय एमआईएस (मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम) में अलग कॉलम का प्रावधान किया गया है ताकि सड़क सुरक्षा के इन उपायों पर निगरानी रखी जा सके और किसी भी प्रकार की चूक न हो।


बिहार में ग्रामीण सड़क नेटवर्क व्यापक है। राज्य में कुल ग्रामीण सड़कें एक लाख 18 हजार किलोमीटर से अधिक हैं। इनमें कई सड़कें मेला-हाट और प्रखंड मुख्यालय को जोड़ती हैं। ग्रामीण कार्य विभाग ने इस व्यापक नेटवर्क को चरणबद्ध तरीके से दो लेन वाली सड़क में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। साथ ही, शहरों की तर्ज पर अब ग्रामीण सड़कों का भी सात वर्षों तक रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा।


सड़क निगरानी की आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। विभाग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से सड़क निगरानी की प्रक्रिया शुरू की है। इससे सड़क की स्थिति, दुर्घटना की संभावना और रखरखाव की आवश्यकता की जानकारी वास्तविक समय में प्राप्त होगी। अधिकारियों का मानना है कि यह कदम सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


सड़क सुरक्षा उपायों के तहत तीखे मोड़, पुल-पुलिया और घुमावदार मार्गों पर स्पष्ट रूप से गति सीमा लिखी जाएगी। इसके अलावा, सड़क चिन्ह, चेतावनी बोर्ड और जेब्रा क्रॉसिंग के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में चलने वाले वाहन चालकों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।


विभाग ने यह भी निर्णय लिया है कि निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता और सुरक्षा उपायों का निरीक्षण स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा किया जाएगा। इस प्रक्रिया में स्थानीय प्रशासन और पंचायत स्तर के अधिकारी भी शामिल रहेंगे ताकि सुरक्षा मानकों के अनुपालन में कोई कमी न रहे।


ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए गांवों में विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे। इसके तहत लोगों को सड़क नियमों और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही, दुर्घटना ग्रस्त क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।


यह पहल बिहार में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ग्रामीण सड़कें अब केवल स्थानों को जोड़ने का साधन नहीं रहेंगी, बल्कि सुरक्षा और सुविधा के मानकों का पालन करने वाली आधुनिक सड़कें बनेंगी।


इस निर्णय से ग्रामीण इलाकों में बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों की सुरक्षा बढ़ेगी। साथ ही, दुर्घटनाओं के कारण होने वाले मानवीय और आर्थिक नुकसान में भी कमी आएगी। ग्रामीण कार्य विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा के प्रति यह गंभीर दृष्टिकोण लंबी अवधि तक लागू रहेगा और इसके प्रभाव की नियमित समीक्षा की जाएगी।