1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 01 Feb 2026 06:49:04 AM IST
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Union Budget : आज देश का आम बजट संसद में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 प्रस्तुत करेंगी। यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब देश की अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितताओं, महंगाई के दबाव और रोजगार सृजन जैसी चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे में सरकार से उम्मीद की जा रही है कि वह विकास को गति देने के साथ-साथ आम जनता को राहत देने वाले कदम उठाएगी।
बजट से मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत की बड़ी उम्मीद है। आयकर स्लैब में बदलाव, स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने और नई टैक्स व्यवस्था को और आकर्षक बनाने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। इसके साथ ही महंगाई से जूझ रही जनता को राहत देने के लिए आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स कम करने या सब्सिडी बढ़ाने जैसे उपायों की भी उम्मीद है।
किसानों के लिए भी यह बजट अहम माना जा रहा है। कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, फसल बीमा योजना को मजबूत करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में सुधार और सिंचाई परियोजनाओं के लिए अधिक धन आवंटन की मांग लंबे समय से उठती रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मनरेगा जैसी योजनाओं के बजट में बढ़ोतरी की संभावना भी जताई जा रही है।
बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में युवाओं के लिए रोजगार सृजन, कौशल विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं की घोषणा हो सकती है। सरकार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, स्टार्टअप इकोसिस्टम और एमएसएमई क्षेत्र को मजबूती देने के लिए विशेष पैकेज का ऐलान कर सकती है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में भी बड़े ऐलान की उम्मीद की जा रही है। कोरोना महामारी के बाद स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की जरूरत और बढ़ गई है। सरकारी अस्पतालों के विस्तार, मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने और स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के दायरे को बढ़ाने पर सरकार ध्यान दे सकती है। वहीं शिक्षा क्षेत्र में नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल शिक्षा और शोध के लिए फंड बढ़ाने की संभावना है।
महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी बजट में खास प्रावधान हो सकते हैं। महिला सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता, मातृत्व योजनाओं और सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने के संकेत मिल सकते हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाओं और टैक्स में छूट जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास सरकार की प्राथमिकता में शामिल रहा है। सड़कों, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और बंदरगाहों के विकास के लिए भारी निवेश की घोषणा की जा सकती है। इससे न सिर्फ देश की आर्थिक गति तेज होगी, बल्कि लाखों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इसके अलावा ग्रीन एनर्जी, सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और जल संरक्षण जैसी योजनाओं को बढ़ावा देने पर भी जोर रहने की संभावना है।
डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत सरकार तकनीक, सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन और स्वदेशी उद्योगों को प्रोत्साहित करने वाले कदम उठा सकती है। मेक इन इंडिया को और मजबूत करने के लिए विदेशी निवेश आकर्षित करने के उपायों की घोषणा भी हो सकती है।
बजट से राज्यों को भी विशेष उम्मीदें हैं। राज्यों को मिलने वाले केंद्रीय करों में हिस्सेदारी, विशेष पैकेज और पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए सहायता राशि बढ़ाने जैसे मुद्दे अहम रहेंगे। साथ ही सामाजिक कल्याण योजनाओं, आवास, स्वच्छता और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के लिए भी बजट आवंटन पर नजर रहेगी।
कुल मिलाकर, आज पेश होने वाला आम बजट देश की आर्थिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। आम जनता, किसान, युवा, महिलाएं, कारोबारी और निवेशक सभी को इससे बड़ी उम्मीदें हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार विकास और कल्याण के बीच किस तरह संतुलन बनाते हुए देश को आर्थिक मजबूती की नई राह पर आगे बढ़ाती है।