1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 04, 2025, 7:18:38 AM
सड़क हादसे में मौत - फ़ोटो GOOGLE
Road Accident: बिहार की राजधानी पटना में बुधवार की देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा पटना-गया-डोभी फोरलेन पर परसा बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत सुइया मोड़ के पास रात करीब 12:45 बजे हुआ। यह सभी व्यापारी फतुहा से पटना लौट रहे थे, जब उनकी तेज रफ्तार ग्रैंड विटारा कार ने आगे चल रहे एक ट्रक में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि ग्रैंड विटारा गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और कार का अगला हिस्सा ट्रक में घुस गया। मौके पर तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
पटना पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची, लेकिन सभी लोग गाड़ी में बुरी तरह फंसे हुए थे। शवों को बाहर निकालने के लिए कटर और क्रेन की मदद ली गई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सभी शवों को कार से बाहर निकाला जा सका।
पुलिस द्वारा मृतकों की पहचान उनके मोबाइल और दस्तावेजों के आधार पर की गई। हादसे में जान गंवाने वाले पांचों व्यक्ति पटना और आसपास के जिलों के निवासी थे और कीटनाशक एवं कृषि उत्पादों के व्यापार से जुड़े थे। मृतकों की सूची में कुर्जी चश्मा गली निवासी 50 वर्षीय राजेश कुमार, पटेलनगर निवासी संजय 55 वर्षीय कुमार सिन्हा, पटना निवासी 38 वर्षीय कमल किशोर, समस्तीपुर निवासी (वर्तमान में पटना में रह रहे थे) 35 वर्षीय प्रकाश चौरसिया और मुजफ्फरपुर निवासी (वर्तमान में पटना में रह रहे थे) 38 वर्षीय सुनील कुमार शामिल है।
राजेश कुमार के भाई ने बताया है कि, सभी लोग फतुहा किसी व्यावसायिक कार्यवश गए थे और रात में बिहटा-सरमेरा रोड होते हुए पटना लौट रहे थे। रास्ते में यह भीषण हादसा हो गया। राजेश कुमार पटना में एक प्रतिष्ठित एग्रो एजेंसी चलाते थे और इनका नेटवर्क आसपास के जिलों में फैला हुआ था। उनके साथ अन्य व्यापारी भी इसी क्षेत्र में व्यवसाय कर रहे थे।
थानाध्यक्ष ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुंचा। रेस्क्यू ऑपरेशन कर शवों को निकालकर पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) भेजा गया। हादसे के समय एक मोबाइल पर कॉल आया, जिसके माध्यम से पुलिस ने राजेश कुमार के परिजन तक जानकारी पहुंचाई। बाद में अन्य परिजनों को भी सूचित किया गया।
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि ग्रैंड विटारा कार की रफ्तार काफी तेज थी। ट्रक या तो धीमी गति से चल रहा था या संभवतः किनारे खड़ा था। कार की गति और टक्कर की तीव्रता से यह अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि चालक ने ब्रेक लगाने की कोशिश का भी समय नहीं पाया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पटना-गया-डोभी फोरलेन पर पहले भी इस तरह के कई हादसे हो चुके हैं। रात के समय ट्रकों की लापरवाह पार्किंग, सड़क संकेतों की कमी और तेज रफ्तार वाहन यहां दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनते जा रहे हैं। अब तक सरकार या जिला प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक मुआवजे की घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, व्यापार मंडल और स्थानीय संगठनों ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है।