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Bihar Land Survey : ''कार्रवाई शब्द बेहद आसान लगता है ...', विधानसभा में बोले विजय कुमार सिन्हा- हम एक्शन नहीं लेते इनाम देते हैं ...

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि “करवाई शब्द बेहद आसान लगता है, लेकिन जो जमीन पर मेहनत करता है, वह ही वास्तविक कार्य करता है।

Bihar Land Survey : ''कार्रवाई शब्द बेहद आसान लगता है ...', विधानसभा में बोले विजय कुमार सिन्हा- हम एक्शन नहीं लेते इनाम देते हैं ...
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar Land Survey : 10 फरवरी 2026 को बिहार के एक जिले की एक जमीन का सीमांकन करवाई गई, जिसे लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई। विपक्षी दल के एक विधायक ने सदन में दावा किया कि अमीन जमीन पर केवल नक्शा मापकर चले गए और वास्तविक सीमांकन नहीं किया गया।


इस दावे के जवाब में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि “करवाई शब्द बेहद आसान लगता है, लेकिन जो जमीन पर मेहनत करता है, वह ही वास्तविक कार्य करता है। हमने आदेश दिया है कि सीमांकन का पूरा वीडियो बनाया जाए ताकि कोई बात इधर-उधर न हो।”


मंत्री ने स्पष्ट किया कि 10 फरवरी को अंचल अमीन की प्रतिनियुक्ति कर सीमांकन कार्य पूर्ण कर लिया गया। उन्होंने बताया कि सीमांकन के दौरान किसी भी पक्ष ने कोई आपत्ति नहीं की। वर्तमान में उस स्थल पर कोई अस्थाई या स्थाई संरचना नहीं है।


विधायक के दावे के जवाब में मंत्री सिन्हा ने सदन में कहा कि यदि किसी के पास कोई प्रमाण है कि सीमांकन सही ढंग से नहीं हुआ, तो वह विभाग को उपलब्ध कराए। मंत्री ने यह भी कहा कि जो अधिकारी जमीन पर सही ढंग से कार्य करेंगे, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा और जो गलत करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सीमांकन कार्य के दौरान जमीन के चारों ओर विस्तृत मापी और निशान लगाए गए। वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी पक्ष भविष्य में विवाद या शिकायत कर सके।


विपक्षी विधायक ने सदन में यह सवाल उठाया कि यदि सीमांकन सही हुआ है तो इसका प्रमाण पेश किया जाए। मंत्री ने जवाब दिया कि विभाग पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तैयार है और वीडियो के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि सीमांकन वास्तविक रूप से हुआ है।


मंत्री ने यह भी दोहराया कि केवल रिपोर्ट या नक्शा देखकर आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की मेहनत और निष्पक्षता की रक्षा करना जरूरी है। “जो सही काम करेगा उसे पुरस्कृत करेंगे और जो गलत करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी,” मंत्री ने कहा।


इस पूरे विवाद से स्पष्ट होता है कि बिहार में भूमि सीमांकन प्रक्रिया को पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराया जा रहा है। 10 फरवरी को संपन्न सीमांकन को लेकर विभाग ने भरोसा दिलाया है कि कार्य सही तरीके से और बिना किसी आपत्ति के संपन्न हुआ।