1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 01 Nov 2025 09:21:23 PM IST
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 - फ़ोटो सोशल मीडिया
PATNA: बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी चरम पर है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पटना में होने वाले रोड शो से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नजर नहीं आएंगे। यह रोड शो 2 नवंबर की दोपहर से पटना शहर में आयोजित होगा, जिसमें बीजेपी और एनडीए के तमाम शीर्ष नेता शामिल रहेंगे. लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रधानमंत्री के साथ रोड शो वाले रथ पर मौजूद नहीं होंगे.
नीतीश कुमार का अलग चुनावी कार्यक्रम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल यानि 2 नवंबर को चुनावी दौरे पर रहेंगे। वे मुंगेर, बेगूसराय, सहरसा और मधेपुरा जिलों के कई विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। नीतीश कुमार कल दिनभर इन जिलों में रहेंगे और शाम को मधेपुरा में रात्रि विश्राम करेंगे। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री 2 नवंबर की रात पटना वापस नहीं लौटेंगे और 3 नवंबर को मधेपुरा से ही अपना अगला चुनावी कार्यक्रम शुरू करेंगे।
पीएम के रोड शो में नीतीश की गैरमौजूदगी के मायने
प्रधानमंत्री मोदी का रोड शो बिहार चुनाव के पहले चरण से पहले बीजेपी के लिए एक बड़ा राजनीतिक आयोजन माना जा रहा है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री, बीजेपी के राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारी, साथ ही एनडीए के सहयोगी दलों के प्रमुख नेता भी शामिल रहेंगे। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। बीजेपी लगातार यह कह रही है कि एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विधानसभा चुनाव लड़ रही है, लेकिन ऐसे में सीएम नीतीश का प्रधानमंत्री के रोड शो से दूर रहना कई तरह की राजनीतिक अटकलों को जन्म दे रहा है।
लोकसभा चुनाव में थे साथ
गौरतलब है कि 12 मई 2024 को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना में रोड शो किया था, तब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे थे। उस रोड शो को लेकर एनडीए ने इसे एकता और मजबूती का प्रतीक बताया था। लेकिन इस बार मुख्यमंत्री का कार्यक्रम अलग होने से सवाल उठ रहे हैं कि क्या नीतीश कुमार एनडीए के प्रचार रणनीति से दूरी बना रहे हैं या यह सिर्फ शेड्यूल का मामला है।
जेडीयू की सफाई
जेडीयू सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पहले से तय था और इसका प्रधानमंत्री के रोड शो से कोई संबंध नहीं है। पार्टी नेताओं ने कहा कि नीतीश कुमार इस चुनाव के प्रचार में भी प्रधानमंत्री के साथ साझा मंच पर नजर आ चुके हैं. आगे भी पीएम के साथ उनकी साझा सभायें होंगी. अभी भी नीतीश कुमार सिर्फ जेडीयू नहीं बल्कि एनडीए के सभी उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नीतीश कुमार और बीजेपी के बीच तालमेल भले ही औपचारिक रूप से मजबूत दिखाया जा रहा हो, लेकिन दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच असहजता साफ झलक रही है। मुख्यमंत्री का रोड शो से अलग रहना, एक बार फिर से यह संकेत देता है कि एनडीए के भीतर सब कुछ सहज नहीं है। बिहार में चुनावी मुकाबला जितना नज़दीक आ रहा है, नीतीश कुमार और बीजेपी के रिश्तों पर उतनी ही गहराई से नज़र रखी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी के पटना रोड शो से नीतीश कुमार की दूरी चाहे कार्यक्रमगत हो या रणनीतिक, लेकिन इसने सियासी हलकों में चर्चाओं को ज़रूर हवा दे दी है।