1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Tue, 26 Aug 2025 12:59:30 PM IST
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Bihar News: जितनी जमीन देंगे उतनी लेंगे, तभी करेंगे ट्रांसफर. इसी फार्मूले पर करेंगे काम. दरअसल, जमीन के मुद्दे पर आज दो वरिष्ठ मंत्री आपस में टकरा गए। कैबिनेट मीटिंग के बाद दोनों के बीच जमीन के मुद्दे पर विवाद गहरा गया. एक तरफ सूबे के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा थे, तो दूसरी तरफ मंत्री अशोक चौधरी. तीसरे मंत्री के मुद्दे पर ये दोनों मंत्री टकरा गए।
एक बार फिर से दो मंत्रिय़ों में हुई भिड़ंत
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कैबिनेट की बैठक बुलाई थी. मंत्रिपरिषद की बैठक खत्म होने के बाद सभी मंत्री मंत्रिमंडल कक्ष से निकल रहे थे, तभी डिप्टी सीएम सह सूबे के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा और ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी आमने-सामने आय़े. बताया जाता है कि अशोक चौधरी ने कृषि मंत्री से कृषि फार्म की जमीन ट्रांसफऱ करने को कहा. जानकारी के अनुसार, अशोक चौधरी सहयोगी मंत्री जमा खान के क्षेत्र के लिए कृषि फार्म की जमीन ट्रांसफर करने को कह रहे थे. इस पर कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि कृषि फार्म की जमीन हस्तांतरण पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रोक लगा रखी है. कृषि फार्म की जमीन का ट्रांसफर तभी हो सकता है जब, उतनी जमीन दूसरे जगह पर कृषि विभाग को मिले. बिना जमीन मिले कृषि फार्म की जमीन का हस्तांतरण नहीं हो सकता. इस पर अशोक चौधरी ने कहा कि भूमि मिलने की 'प्रत्याशा' में कृषि फार्म की जमीन का हस्तांतरण करने का आदेश दे दीजिए. इस पर कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने इंकार कर दिया.
तीसरे मंत्री के लिए हुआ विवाद
इसके बाद अशोक चौधरी ने डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को लेकर तंज कसा और कहा कि आपही हमेशा के लिए कृषि मंत्री रहेंगे? तब डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने भी करारा जवाब दिया. इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया. विवाद बढ़ता देख बगल में मौजूद एक अन्य वरिष्ठ मंत्री ने स्थिति को संभाला .
दरअसल, जेडीयू कोटे के मंत्री जमा खान के विधानसभा क्षेत्र चैनपुर में कॉलेज के लिए जमीन चाहिए. मंत्री अपने इलाके में कॉलेज की स्थापना के लिए जमीन तलाश रहे हैं. कृषि फार्म की जमीन पर नजर है. हालांकि नीतीश सरकार ने कृषि फार्म की जमीन के हस्तांतरण पर रोक लगा रखी है. डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने उसी रोक का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि, जब तक मुख्यमंत्री का आदेश नहीं होगा, वे फार्म की जमीन हस्तांतरण की इजाजत नहीं देंगे.