1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 24 Feb 2026 07:30:46 AM IST
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NEET Student Case : पटना जिले के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा के रेप और मौत मामले की जांच CBI (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन) लगातार जारी है। सोमवार को CBI टीम हॉस्टल पहुंची और करीब दो घंटे तक छात्रा के कमरे की जांच की। इस दौरान हॉस्टल गार्ड अमरेंद्र भी मौजूद थे, जो CCTV फुटेज में छात्रा के कमरे का बंद गेट खोलते और उसे गोद में उठाकर पास के डॉ. शहजानंद हॉस्पिटल ले जाते दिखाई दिए थे।
CBI ने हॉस्टल में किया सीन रीक्रिएट
सूत्रों के अनुसार, CBI ने घटना के सीन को रीक्रिएट किया। टीम ने गार्ड से कई सवाल पूछे:
उसे वहां किसने बुलाया?
सूचना मिलने के कितने समय बाद वह पहुंचा?
उसने हॉस्टल के कमरे का गेट कैसे खोला?
अंदर क्या देखा और छात्रा को कैसे हॉस्पिटल ले गया?
CBI के लिए सबसे बड़ी चुनौती छात्रा के कपड़े से मिले स्पर्म के DNA को आरोपी के DNA से मिलान करना है। जांच एजेंसी सच उगलवाने के लिए करीब 10 लोगों का Lie Detector (पॉलीग्राफ) टेस्ट कर सकती है। इस टेस्ट के लिए कोर्ट और आरोपी की सहमति जरूरी होती है।
हॉस्टल संचालिका और वार्डेन से पूछताछ
जांच के दौरान हॉस्टल संचालिका नीलम अग्रवाल और दोनों महिला वार्डेन नीतू व अन्य वार्डेन को बुलाया गया। टीम ने तीनों से कई सवाल पूछे और उनके बयानों को आपस में मिलाने की कोशिश की। छात्रा की मां और मामी ने शुरुआती जांच में बताया था कि संचालिका ने उन्हें रुपए का ऑफर दिया था। CBI ने संचालिका से सवाल किया कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।
छात्रा के व्यवहार और हॉस्टल घटनाक्रम
छात्रा 5 जनवरी को हॉस्टल लौटने पर कैसी थी, हॉस्टल में अन्य छात्राओं के साथ उसका व्यवहार कैसा था, और रात को वह कब अपने कमरे में गई—इन सभी सवालों की पूछताछ वार्डेन से की गई। जांच टीम ने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर दोबारा पूछताछ की जा सकती है।
CBI की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच
CBI इस केस में वैज्ञानिक, तकनीकी और फिजिकल सबूत जुटा रही है। इससे पहले गुरुवार को छात्रा की मामी से पूछताछ की गई थी। मामी ने कहा कि प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के CCTV फुटेज की जांच जरूरी है, क्योंकि वहां से महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
मामी ने आरोप लगाया कि जब छात्रा जिंदगी और मौत से जूझ रही थी, हॉस्टल संचालिका नीलू अग्रवाल ने रुपए का ऑफर दिया। मौके पर मौजूद महिला सिपाही ने भी नीलू को थप्पड़ मारा। मामी ने बताया, “छात्रा की सांस चल रही थी, उसी समय हॉस्टल संचालिका हॉस्पिटल आई और छात्रा की मां के सिर पर हाथ फेरते हुए कहा—‘आपकी बेटी को तो हम बचा नहीं पाए, जो पैसा लेना है, ले लीजिए।’”
CBI के सामने मामी ने सवाल उठाया कि यह बातें क्यों की गईं और रुपए का ऑफर परिवार को क्यों दिया गया। यह जानकारी पहले पटना पुलिस SIT को भी दी गई थी, लेकिन SIT ने नीलम अग्रवाल से पूछताछ नहीं की। हॉस्पिटल CCTV फुटेज में यह पूरी घटना कैद है। CBI द्वारा हॉस्टल और अस्पताल की जांच से उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही नीट छात्रा रेप-मौत केस के अहम सुराग सामने आएंगे और अपराधियों को न्याय मिलेगा।