ब्रेकिंग
सहरसा में कफ सिरप तस्कर को 10 साल की सजा, 5 लाख रुपये का भी जुर्मानाEO विमल हत्याकांड: CM से मिली मृतक की पत्नी, सम्राट चौधरी ने स्पीडी ट्रायल चलाने का दिया निर्देशपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानासहरसा में कफ सिरप तस्कर को 10 साल की सजा, 5 लाख रुपये का भी जुर्मानाEO विमल हत्याकांड: CM से मिली मृतक की पत्नी, सम्राट चौधरी ने स्पीडी ट्रायल चलाने का दिया निर्देशपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्माना

Bihar political news : शराब लेकर आते तो सीधे जेल जाते ! नीरज कुमार ने राजद MLC पर कसा तंज,कहा - इनलोगों के पास शराबबंदी कानून को चुनौती देने की हिम्मत नहीं

बिहार में शराबबंदी कानून और इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर जदयू के नीरज कुमार और राजद के सुनील सिंह के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज।

Bihar political news : शराब लेकर आते तो सीधे जेल जाते ! नीरज कुमार ने राजद MLC पर कसा तंज,कहा - इनलोगों के पास शराबबंदी कानून को चुनौती देने की हिम्मत नहीं
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar political news : बिहार की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रवक्ता और पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बिहार विधान परिषद में  कहा कि विपक्ष के नेता केवल बयानबाजी करते हैं, लेकिन हकीकत में शराबबंदी कानून को चुनौती देने की हिम्मत नहीं रखते।


नीरज कुमार ने खास तौर पर सुनील कुमार सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उनमें साहस होता तो वे बिहार विधानसभा परिसर में शराब लेकर आते। उन्होंने कहा, “अगर सच में विरोध करना था तो शराब लेकर आते और सीधे जेल जाते। तब उन्हें समझ में आता कि बिहार में शराबबंदी कानून कितना सख्त है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि कानून का मजाक उड़ाने वालों को पहले उसके प्रावधानों को समझना चाहिए।


दरअसल, यह बयान उस आरोप के जवाब में आया है जिसमें सुनील कुमार सिंह ने जदयू पर शराब बनाने वाली कंपनियों से करोड़ों रुपये लेने का आरोप लगाया था। सुनील कुमार सिंह का कहना है कि जनता दल यूनाइटेड ने इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए उन कंपनियों से चंदा लिया है जो शराब का निर्माण करती हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब 8585 करोड़ रुपये ऐसे स्रोतों से लिए गए, जो शराब उद्योग से जुड़े हैं। उनका सवाल था कि जब पार्टी ऐसे उद्योगों से आर्थिक सहयोग लेती है तो वह शराबबंदी कानून को लेकर नैतिकता की बात कैसे कर सकती है।


इस पर पलटवार करते हुए नीरज कुमार ने कहा कि आरोप लगाने से पहले तथ्यों को सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। केवल राजनीतिक लाभ के लिए बयान देना उचित नहीं है। उन्होंने विपक्ष से पूछा कि क्या उनके पास आधिकारिक दस्तावेज हैं, जो यह साबित करते हों कि जदयू ने शराब कंपनियों से अवैध या अनुचित तरीके से धन लिया है?


नीरज कुमार ने यह भी कहा कि बिहार में शराबबंदी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लागू की गई एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुधार की पहल है। उन्होंने दावा किया कि इस कानून से महिलाओं को राहत मिली है और समाज में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह शराबबंदी को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि उसे राजनीतिक मुद्दा चाहिए।


वहीं, सुनील कुमार सिंह अपने आरोपों पर कायम हैं। उनका कहना है कि इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से राजनीतिक दलों को मिले चंदे की पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने मांग की कि जदयू स्पष्ट करे कि उसे किन-किन कंपनियों से फंड मिला और उन कंपनियों का कारोबार क्या है। उन्होंने कहा कि यदि शराब बनाने वाली कंपनियों से धन लिया गया है तो यह शराबबंदी की नीति के खिलाफ है।


फिलहाल, दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक तरफ जदयू अपनी नीतियों को सामाजिक सुधार की दिशा में कदम बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष पारदर्शिता और नैतिकता के मुद्दे उठा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इन आरोपों पर कोई ठोस प्रमाण सामने आते हैं या यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी तक ही सीमित रह जाता है।