मंच, माइक, माला, बीवी-बेटा के बाद कुशवाहा की बहू भी तैयार? साक्षी के राजनीति में आने की अटकलें तेज

उपेंद्र कुशवाहा के परिवार की राजनीति में सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। बहू साक्षी मिश्रा कुशवाहा की सार्वजनिक सक्रियता बढ़ी, मंच और पार्टी कार्यक्रमों में दिखने से राजनीति में एंट्री की चर्चाएं तेज।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 02 Feb 2026 04:00:11 PM IST

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पॉलिटिक्स में एंट्री! - फ़ोटो social media

PATNA: राज्यसभा के सांसद उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश और पत्नी स्नेहलता कुशवाहा के बाद बहू साक्षी मिश्रा भी इन दिनों जनता के बीच नजर आ रही हैं। जिसे लेकर अब कुशवाहा की बहू के राजनीति में आने की अटकलें शुरू हो गयी हैं। 


राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के परिवार की राजनीति में सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। विधायक पत्नी स्नेहलता कुशवाहा और मंत्री बेटे दीपक प्रकाश के बाद अब उनकी बहू साक्षी मिश्रा कुशवाहा भी सार्वजनिक मंचों और सामाजिक कार्यक्रमों में नजर आने लगी हैं। इसी के साथ उनके राजनीति में प्रवेश को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।


बिहार विधानसभा चुनाव तक खुद को परिवारवाद से दूर बताने वाले उपेंद्र कुशवाहा अब खुलकर अपने परिवार को राजनीति में स्थापित करते नजर आ रहे हैं। पहले अपनी पत्नी स्नेहलता को सासाराम का विधायक बनाया,फिर बेटे को बिहार सरकार में मंत्री बनाया। अब बहू साक्षी मिश्रा की बढ़ती सार्वजनिक मौजूदगी ने नए सियासी संकेत दे दिए हैं। फिलहाल कोई चुनाव सामने नहीं है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा चल रही है कि साक्षी का यह सक्रिय होना महज संयोग नहीं है। चर्चा यह भी है कि स्नेहलता कुशवाहा और दीपक प्रकाश को राजनीति में लाने के लिए उपेंद्र कुशवाहा को मनाने में साक्षी मिश्रा की अहम भूमिका रही है। अब जब परिवार के राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो साक्षी की मौजूदगी को रणनीतिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।


कुशवाहा परिवार की राजनीति ऐसे समय में चर्चा में है जब उपेंद्र कुशवाहा का राज्यसभा कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त होने वाला है, जबकि बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री पद पर बने रहने के लिए 20 मई से पहले विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी है। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि बीजेपी सीट-गणित के आधार पर कुशवाहा पर दबाव बना सकती है कि वे या तो अपनी राज्यसभा सीट चुनें या बेटे के लिए विधान परिषद की सीट सुनिश्चित करें।


बता दें कि उपेंद्र कुशवाही की बहू साक्षी मिश्रा कुशवाहा पहली बार अपनी सास स्नेहलता कुशवाहा के सासाराम विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान चर्चा में आईं थी, साक्षी खुद चुनाव के मैदान में उतरकर वोट मांगती नजर आई थी। इसके बाद साक्षी दीपक प्रकाश के मंत्री बनने के बाद उनके साथ सामाजिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों में लगातार नजर आने लगीं।


दही-चूड़ा के मौके पर कुशवाहा के पैतृक गांव में आयोजित भोज में साक्षी न सिर्फ भोजन परोसती दिखीं, बल्कि मंच पर माला और माइक संभालते हुए भी पूरी सहजता में नजर आईं। पार्टी दफ्तर में लाल बहादुर शास्त्री और ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रमों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी देखी गई। जब आरएसएस के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार उपेंद्र कुशवाहा के आवास पहुंचे, तब हुई बातचीत में भी साक्षी मिश्रा की सक्रियता चर्चा का विषय रही।


बता दें साक्षी उत्तर प्रदेश के एक रिटायर्ड अधिकारी की बेटी हैं। जिनके साथ उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश ने लव मैरिज किया था। साक्षी मिश्रा और दीपक प्रकाश को बिहार का सबसे चर्चित राजनीतिक कपल माना जाता है। एक ओर जहां चिराग पासवान और निशांत कुमार जैसे बड़े नेताओं के बेटे अभी अविवाहित हैं और तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री यादव राजनीति से दूरी बनाए रखती हैं, वहीं साक्षी मिश्रा की सक्रियता अलग ही तस्वीर पेश करती है। ऐसे में “जनेऊधारी ब्राह्मण की बेटी और चंद्रगुप्त मौर्य के वंशज की बहू” साक्षी मिश्रा कुशवाहा की यदि राजनीति में एंट्री होती है, तो यह आश्चर्य की बात नहीं होगी।