1st Bihar Published by: First Bihar Updated Oct 02, 2025, 9:24:11 AM
सड़क हादसा में मौत - फ़ोटो Reporter
Bihar News: कैमूर जिले के दुर्गावती थाना क्षेत्र में एनएच-19 पर एक भयंकर सड़क हादसा हुआ, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और सात गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा छज्जूपुर पोखरा के पास हुआ, जब रोहतास जिले से उत्तर प्रदेश जा रही स्कॉर्पियो सीधे कंटेनर में टकरा गई।
जानकारी के अनुसार, हादसा इतनी भीषणता का था कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में झारखंड के अंसार नगर निवासी अबूदीन अंसारी के पुत्र 48 वर्षीय मुस्लिम अंसारी, रोहतास जिले के नेकरा गांव निवासी जफर अली अंसारी के पुत्र 45 वर्षीय मुन्ना अंसारी और उमर अंसारी की पत्नी 60 वर्षीय रजिया खातून शामिल हैं।
हादसे में घायल हुए सात लोगों में हजरा खातून, उमर अंसारी और अशरफ अंसारी शामिल हैं। इनमें से चार की स्थिति नाजुक बताई जा रही है। घायलों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें बड़े अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही एनएचएआई की टीम और दुर्गावती थाना पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने किसी तरह घायलों को वाहन से बाहर निकाला और प्राथमिक चिकित्सा दिलाई। एसआई विजेंद्र कुमार ने बताया कि स्कॉर्पियो सासाराम से बनारस जा रही थी और छज्जूपुर पोखरा के पास ही कंटेनर से टकरा गई।
घायलों के परिजनों के अनुसार, सभी लोग सासाराम थाना क्षेत्र के नेकरा गांव से उत्तर प्रदेश जा रहे थे। हादसे की जानकारी मिलते ही मृतक और घायल परिवार के लोग सदर अस्पताल भभुआ पहुंचे। मंसूर आलम अंसारी, जो घायलों के रिश्तेदार हैं, ने बताया कि मृतकों के परिवार गरीब हैं और उन्होंने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
हादसे की वजह जानने के लिए पुलिस जांच में जुट गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो तेज रफ्तार में थी और ड्राइवर को सड़क पर अनियंत्रित होने के कारण यह दुर्घटना हुई। एनएच-19 पर यह दुर्घटना क्षेत्रवासियों में खौफ और डर का कारण बनी हुई है।
स्थानीय प्रशासन ने कहा कि इस तरह के हादसों को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन कराना जरूरी है। एनएचएआई और पुलिस टीम लगातार निगरानी रख रही है ताकि दुर्घटनाओं की संख्या कम की जा सके।
इस घटना ने कैमूर जिले में सड़क सुरक्षा के मुद्दे को फिर से ताजा कर दिया है। दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने घायलों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया। मृतकों के परिजनों को जिला प्रशासन और राज्य सरकार की ओर से आर्थिक मदद दिए जाने की संभावना जताई गई है।
हादसे के बाद एनएच-19 पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा, लेकिन पुलिस और एनएचएआई के प्रयास से यातायात को सामान्य किया गया। यह हादसा यह दर्शाता है कि तेज रफ्तार और लापरवाही किस तरह से जानलेवा हो सकती है।
अभी पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ड्राइवर की लापरवाही, सड़क की स्थिति या वाहन की तकनीकी खामियों ने इस भीषण हादसे में भूमिका निभाई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय सतर्क रहें और यातायात नियमों का पालन करें।
इस दुर्घटना ने कैमूर जिले में सड़क सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर उजागर किया है और स्थानीय प्रशासन को सड़कों पर निगरानी और सुरक्षा उपायों को कड़ा करने की याद दिलाई है।