BIHAR ELECTION : जेपी नड्डा का RJD पर हमला, कहा- ‘बिहार भय और अपहरण से निकलकर विकास की राह पर’

BIHAR ELECTION : नड्डा ने कहा कि एक समय था जब बिहार से इंजीनियर, प्रोफेशनल और कारोबारी घर लौटने से डरते थे। अपहरण का ऐसा वातावरण था कि फिरौती की दरें तक तय रहती थीं। विश्वविद्यालयों

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 13 Sep 2025 04:28:35 PM IST

JP Nadda Bihar Speech

JP Nadda Bihar Speech - फ़ोटो FILE PHOTO

BIHAR ELECTION : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राजद (RJD) और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बिहार के उस दौर को याद दिलाया जब राज्य में भय, अपहरण और फिरौती का माहौल था और इसकी तुलना आज के विकासशील बिहार से की।


नड्डा ने कहा कि एक समय था जब बिहार से इंजीनियर, प्रोफेशनल और कारोबारी घर लौटने से डरते थे। अपहरण का ऐसा वातावरण था कि फिरौती की दरें तक तय रहती थीं। विश्वविद्यालयों में छात्रों को समय पर परीक्षा न दे पाने की शर्मिंदगी झेलनी पड़ती थी। उन्होंने उस समय के मुख्यमंत्री के बयान को याद दिलाया, जिसमें कहा गया था – “अगर सड़क बन जाएगी तो पुलिस जल्दी पहुंच जाएगी, इसलिए सड़क नहीं बननी चाहिए।” नड्डा के मुताबिक, यह मानसिकता विकास विरोधी शासन का प्रतीक थी।


भाजपा अध्यक्ष ने लालू प्रसाद यादव के उस बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने प्रवासन (पलायन) को लेकर कहा था – “गमछा पहनकर जाता है, सूट पहनकर लौटता है।” नड्डा ने कहा कि यह प्रवासी बिहारी मजदूरों की त्रासदी को महिमामंडित करने का असंवेदनशील प्रयास था। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने लंबे अंधकारमय शासन के बाद भी राजद नेतृत्व ने जनता से कभी माफी नहीं मांगी। “जिसे अपनी गलती का एहसास ही नहीं है, वह बिहार का भविष्य कैसे संवार सकता है?” नड्डा ने कहा।


जेपी नड्डा ने तेजस्वी यादव को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी को दो बार सरकार चलाने का अवसर मिला, लेकिन उनकी कार्यशैली में तालमेल की कमी साफ दिखी। खासकर स्वास्थ्य जैसे अहम विभाग में योजनाएं ठप पड़ी रहीं और आम लोगों को फायदा नहीं मिल पाया। “राजद नेतृत्व की कार्यशैली यह साबित करती है कि उनमें न तो दृष्टि है और न ही शासन चलाने की क्षमता,” नड्डा ने कहा।


नड्डा ने कहा कि बीते 20 वर्षों में बिहार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास की नई राह पकड़ी है। उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार की नीतियों की बदौलत भारत विश्व की पांचवीं से चौथी और अब तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी भारत की तारीफ कर रही हैं – IMF ने भारत को “ब्राइट स्पॉट” कहा है और विश्व बैंक ने स्थिर वृद्धि की सराहना की है।


भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जीएसटी सुधारों में बिहार के वित्त मंत्री सम्राट चौधरी की बड़ी भूमिका रही है। आज टैक्स ढांचा सरल होकर दो स्लैब – 5% और 18% – में सीमित हो गया है। रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में 3000% की वृद्धि दर्ज हुई है और आज 88% गोला-बारूद का उत्पादन देश में ही हो रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल जैसी उपलब्धियों ने भारत की वैश्विक स्थिति को और मजबूत किया है। रेलवे, एयरपोर्ट और स्वास्थ्य में नई उपलब्धियां नड्डा ने कहा कि रेलवे में अब तक 144 वंदे भारत ट्रेनें शुरू हो चुकी हैं, जिनमें 20 ट्रेनें बिहार से जुड़ी हुई हैं। राज्य में 98 आधुनिक रेलवे स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं।


हवाई सेवाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि पटना एयरपोर्ट पर 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बड़ा प्रोजेक्ट चल रहा है, जो बिहार की हवाई कनेक्टिविटी को नया आयाम देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दरभंगा को दूसरा एम्स (AIIMS) दिया है। 1,264 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह 750 बेड का अस्पताल न सिर्फ उत्तर और दक्षिण बिहार, बल्कि नेपाल तक के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेगा।


अपने भाषण के अंत में जेपी नड्डा ने कहा कि बिहार ने दो दौर देखे हैं – एक वह दौर जब अपहरण और भय का माहौल था, और दूसरा वह दौर जब विकास की राह पर राज्य ने कदम बढ़ाए। “बिहार की जनता जानती है कि किसने केवल पलायन और अराजकता को महिमामंडित किया और किसने सड़क, अस्पताल, रेलवे और रोजगार दिया। बिहार को ऐसे नेताओं की जरूरत है जो विकास को महत्व दें, न कि उसे रोकने का प्रयास करें,” नड्डा ने कहा।


जेपी नड्डा का यह बयान आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें पार्टी राजद के ‘जंगलराज’ की याद दिलाकर एनडीए की विकास यात्रा को सामने रख रही है।