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BIHAR TEACHER NEWS : शिक्षा विभाग ने हेडमास्टरों के लिए जारी किया नया आदेश, टीचर और स्टूडेंट भी हो जाए अलर्ट

BIHAR TEACHER NEWS : शिक्षा विभाग ने पटना के स्कूलों में शैक्षणिक माहौल सुधारने के लिए प्रधानाध्यापकों को निर्देश जारी किए हैं। प्रधानाध्यापकों को समय पर स्कूल पहुंचने और शिक्षकों की छुट्टी और उपस्थिति पर ध्यान देने को कहा गया है

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Tejpratap
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BIHAR TEACHER NEWS : बिहार में शिक्षा विभाग के अंदर लगातार तेजी गति से काम हो रहे हैं। इस विभाग के तरफ से टीचर को लेकर लगातार आदेश जारी हो रहे हैं। इतना ही नहीं इन आदेश को प्लान नहीं करने वाले टीचरों पर तेजी के साथ एक्शन भी लिया जा रहा है। इसी कड़ी में अब विभाग के तरफ से हेडमास्टर को लेकर नया आदेश जारी किया गया है। 


जानकारी हो कि, शिक्षा विभाग के तरफ से स्कूलों में शैक्षणिक माहौल सुधारने के लिए प्रधानाध्यापकों को निर्देश जारी किए हैं। प्रधानाध्यापकों को समय पर स्कूल पहुंचने शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने शिक्षकों की छुट्टी और उपस्थिति पर ध्यान देने को लेकर एक आदेश जारी किया गया है। इसके साथ ही उन्हें विषय का ज्ञान रखने कक्षाओं का निरीक्षण करने और महापुरुषों का सम्मान करने का भी निर्देश दिया गया है।


विभाग के तरफ से जारी आदेश में यह जिक्र गया है कि शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में शैक्षणिक माहौल स्थापित करने के लिए प्रधानाध्यापकों के नाम से पत्र जारी किया गया है। राज्य शिक्षा शोध प्रशिक्षण परिषद द्वारा प्रधानाध्यापकों के नाम से जारी अपील में कहा गया है कि स्कूल में शैक्षणिक माहौल बनाने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापकों के हाथों में है। प्रधानाध्यापक विद्यालय के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सर्वप्रथम नियमों का पालन प्रधानाध्यापक को करना होगा।


इसके साफ़ तौर पर यह कहा गया है कि अब से हर दिन  प्रधानाध्यापक स्कूल 10 मिनट पहले पहुचेंगे, ताकि वे देख सकें शिक्षक और बच्चे समय पर विद्यालय पहुंच रहे या नहीं। स्कूलों में होने वाले चेतना सत्र और सफाई में स्वयं भागीदारी निभाएंगे। इसमें शिक्षक और वर्ग मानिटर का वह सहयोग ले सकते हैं। विद्यालय में एक अच्छा रूटीन हो जो न सिर्फ प्रधानाध्यापक के कक्ष में हो, बल्कि सभी वर्ग कक्ष में रहे।


इसके साथ ही साथ यह भी जिक्र किया गया है कि प्रधानाध्यापकों के नाम पत्र में कहा गया है कि सभी वर्ग कक्ष में घड़ी लटकाएं। साथ ही सभी बच्चाें को घड़ी देखना भी सिखांएं। स्कूल में ऐसी व्यवस्था हो कि घंटी की आवाज से रूटीन के विषय बदल जाएं और घंटी की आवाज प्रत्येक बच्चों तक पहुंचे। यदि किन्हीं कारणों से शिक्षकों कमी हो तो बहुवर्गीय कक्षा का संचालन किया जा सकता है।


शिक्षकों को किसी भी प्रकार का अवकाश तभी स्वीकृत करेंगे जब विद्यालय का अध्यापन कार्य प्रभावित न हो रहा हो। एक साथ कई शिक्षकों को अवकाश में जाने की अनुमति न दी जाए। प्रधानाध्यापकों से कहा गया है कि आंशिक अवकाश पर प्रचलन रोक लगाई जाए। यदि किसी शिक्षक को इमरजेंसी में कहीं जना पड़े तो सहानुभूतिपूर्वक जाने दें।


शिक्षक महीने में तीन दिन विलंब से आने पर एक दिन का अवकाश या वेतन कटौती की अनुशंसा की जा सकती है। बच्चों में शौचालय जाने से पूर्व बाद में पानी डालने की आदत डालें। यह आदत शिक्षकों को भी डालनी चाहिए। शिक्षकों की उपस्थिति पंजी में चेतना सत्र की समाप्ति के बाद अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों की उपस्थिति कालम में क्रास क चिन्ह आवश्यक रूप से लगाएं। फाेन पर इमरजेंसी की स्थिति में ही अवकाश की स्वीकृति दी जाएगी।


इसके अलावा सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को विषय या ज्ञान की जानकारी सर्वाधिक होनी चाहिए। प्रधानाध्यापक प्रतिदिन स्वाध्याय अध्ययन करेंगे। वर्ग कक्ष का निरीक्षण प्रधानाध्यापक नियमित रूप से करेंगे। अगर वर्ग कक्ष में किसी तरह कमी हो तो वे अपने स्तर पर उसे दूर करने का प्रयास करेंगे। स्वयं भी कक्षा में अध्यापन का कार्य करेंगे। वर्ग कक्ष में श्याम पट्ट का नियमित रूप से काली करण कराएं। चौक और डस्टर की कमी नहीं होनी चाहिए।


इधर, प्रधानाध्यापक के कक्ष में आवश्यक रूप से देश के महापुरुषों के फोटो लगी होनी चाहिए। महापुरुषों के स्लोगन स्कूल के दीवारों पर अंकित करना सुनिश्चित करेंगे। महापुरुषों के जयंती और पुण्य पर उनके द्वारा देश और समाज में हित किए कार्यों को बच्चों को अवगत कराया जाएगा।

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