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दीपक प्रकाश का मंत्री पद बचाने का रास्ता साफ! MLC देवेश कुमार देंगे इस्तीफा, विधान परिषद पहुंचने की तैयारी तेज

6 महीने की संवैधानिक अड़चन के बीच दीपक प्रकाश के लिए बड़ी राहत! MLC देवेश कुमार की सीट से खुल सकता है विधान परिषद पहुंचने का रास्ता

दीपक प्रकाश का मंत्री पद बचाने का रास्ता साफ! MLC देवेश कुमार देंगे इस्तीफा, विधान परिषद पहुंचने की तैयारी तेज
Tejpratap
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4 मिनट

पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर चल रहे संवैधानिक संकट के बीच बड़ी राजनीतिक गतिविधि सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक विधान परिषद सदस्य (MLC) देवेश कुमार अपनी सदस्यता से इस्तीफा देने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि देवेश कुमार शुक्रवार शाम करीब 4 बजे बिहार विधान परिषद के सभापति से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं।

सूत्रों का दावा है कि देवेश कुमार की खाली होने वाली विधान परिषद सीट से पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो दीपक प्रकाश के लिए विधानमंडल की सदस्यता हासिल करने का रास्ता साफ हो जाएगा और उनके मंत्री पद पर मंडरा रहा संवैधानिक संकट भी काफी हद तक समाप्त हो सकता है।

मंत्री पद पर क्यों खड़ा हुआ था संवैधानिक संकट?

दरअसल, बिहार सरकार में मंत्री बनने के बाद दीपक प्रकाश अभी तक विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं बन पाए हैं। संविधान के अनुसार किसी भी मंत्री को पद पर बने रहने के लिए छह महीने के अंदर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी होता है।

पिछले विधान परिषद चुनाव में दीपक प्रकाश को मौका नहीं मिल पाया था। इसके बाद उनके सामने यह चुनौती खड़ी हो गई थी कि तय समय सीमा के भीतर वह किस तरह सदन की सदस्यता हासिल करेंगे। अब देवेश कुमार के इस्तीफे की चर्चा के बाद राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि यह संकट खत्म करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।

विपक्ष पहले से उठा चुका है सवाल

दीपक प्रकाश की विधानमंडल सदस्यता को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि संवैधानिक नियमों के तहत मंत्री पद पर बने रहने के लिए सदस्यता जरूरी है। वहीं सत्ताधारी गठबंधन की ओर से लगातार कहा जाता रहा है कि इस मामले में नियमों के अनुसार उचित कदम उठाया जाएगा। अब अगर दीपक प्रकाश विधान परिषद पहुंचते हैं तो विपक्ष के हमलों पर भी विराम लग सकता है।

NDA की रणनीति पर भी नजर

दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजने की संभावित तैयारी को NDA की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार में संतुलन बनाए रखने और मंत्रियों की संवैधानिक स्थिति मजबूत करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।बिहार की राजनीति में विधान परिषद की एक सीट को लेकर शुरू हुई यह हलचल आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। अब सभी की नजरें देवेश कुमार के इस्तीफे और उसके बाद होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी हैं।फिलहाल आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन सूत्रों की मानें तो दीपक प्रकाश के मंत्री पद को बचाने के लिए सियासी समीकरण तेजी से तैयार किए जा रहे हैं।