Bihar News: गड्ढे में डूबकर एक ही परिवार के तीन बच्चों की मौत, खेलते समय हुआ हादसा

Bihar News: बिहार की राजधानी पटना के दानापुर अनुमंडल अंतर्गत शाहपुर थाना क्षेत्र के बाबूचक गांव में बुधवार की शाम एक दिल दहला देने वाली घटना में एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 28, 2025, 7:19:05 AM

Bihar News

बिहार न्यूज - फ़ोटो GOOGLE

Bihar News: बिहार की राजधानी पटना के दानापुर अनुमंडल अंतर्गत शाहपुर थाना क्षेत्र के बाबूचक गांव में बुधवार की शाम एक दिल दहला देने वाली घटना में एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।


मृतकों की पहचान आयुष कुमार (7 वर्ष), रोहित कुमार (9 वर्ष) और पंकज कुमार (11 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों बच्चे बाबूचक कोठियां टोला निवासी मधु राय के पोते थे। आयुष, धीरज कुमार का बेटा था, जबकि रोहित और पंकज सगे भाई थे और उनके पिता का नाम सोनू कुमार है।


स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्चे शाम के समय घर के पास ही एक गड्ढे के किनारे खेल रहे थे। यह गड्ढा मिट्टी के अवैध खनन के कारण बना था और बारिश के पानी से लबालब भरा हुआ था। खेलते-खेलते तीनों बच्चे गड्ढे में जा गिरे। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक तीनों की डूबने से मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही शाहपुर और फुलवारी थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की। बाद में तीनों शवों को गड्ढे से निकालकर परिजनों को सौंप दिया गया।


घटना के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है। तीन-तीन बच्चों की एक साथ मौत से गांव के लोग स्तब्ध हैं। मृत बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस गड्ढे में बच्चे डूबे, वह मिट्टी के अवैध खनन के कारण बना था। प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि यह खनन किसके द्वारा और किसकी अनुमति से किया गया था। एसडीओ और अंचलाधिकारी ने भी घटनास्थल का दौरा किया और रिपोर्ट तैयार की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। प्रशासन की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।