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Danapur Bihta Elevated Road : दानापुर–बिहटा एलिवेटेड रोड: यातायात प्रतिबंध में आंशिक राहत, दिन में चलेगी गाड़ियां

दानापुर–बिहटा एलिवेटेड रोड निर्माण के कारण यातायात व्यवस्था बदली गई है। सुबह 7:30 से शाम 7:30 बजे तक वाहन चलेंगे, रात में रहेगा प्रतिबंध।

Danapur Bihta Elevated Road : दानापुर–बिहटा एलिवेटेड रोड: यातायात प्रतिबंध में आंशिक राहत, दिन में चलेगी गाड़ियां
Tejpratap
Tejpratap
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Danapur Bihta Elevated Road : दानापुर–बिहटा एलिवेटेड रोड परियोजना के निर्माण कार्य को लेकर जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। शिवाला चौक से कन्हौली बाजार तक करीब 13 किलोमीटर लंबे रूट पर पहले लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध को आंशिक रूप से संशोधित करते हुए आम लोगों, व्यापारियों और शैक्षणिक संस्थानों को राहत दी गई है। इस फैसले से दिन के समय आवाजाही संभव हो सकेगी, जबकि रात में निर्माण कार्य निर्बाध रूप से जारी रहेगा।


दानापुर की अनुमंडल पदाधिकारी दिव्या शक्ति की ओर से मंगलवार को जारी आदेश के अनुसार बिहटा–खगौल मुख्य मार्ग पर सुबह 7:30 बजे से शाम 7:30 बजे तक ही वाहनों का परिचालन होगा। इसके बाद शाम 7:30 बजे से अगले दिन सुबह 7:30 बजे तक इस मार्ग पर गाड़ियों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय निर्माण कार्य की गति बनाए रखने और दिन में आम जनजीवन को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है।


प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि शिवाला चौक से कन्हौली के बीच कई स्कूल और कॉलेज स्थित हैं। छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सीमित समय के लिए यातायात की अनुमति दी गई है। यदि भविष्य में शैक्षणिक संस्थानों के समय में कोई बदलाव होता है, तो उसी अनुरूप यातायात समय-सारिणी में भी संशोधन किया जा सकता है।


रात के समय भोजपुर से पटना के बीच यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है। इनमें आरा–बिहटा चौक–मनेर–दानापुर कैंट होते हुए पटना, आरा–बिहटा चौक–मनेर–शेरपुर–छितनावां–उसरी बाजार–शिवाला–पटना सहित अन्य रूट शामिल हैं। छोटी गाड़ियों के लिए अलग से वैकल्पिक मार्ग चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें मानचित्र के माध्यम से दर्शाया गया है ताकि वाहन चालकों को किसी तरह की असुविधा न हो।


दरअसल, सड़क पूरी तरह बंद होने के फैसले से कन्हौली बाजार, शिवाला चौक और आसपास के इलाकों में व्यापारिक गतिविधियां लगभग ठप हो गई थीं। इस 13 किलोमीटर के दायरे में 6 से 7 पेट्रोल पंप, कई फैक्ट्रियां और सैकड़ों छोटी-बड़ी दुकानें स्थित हैं। सड़क बंद रहने से इन सभी का व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ और सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया।


इसी कारण स्थानीय दुकानदारों, व्यापारियों और आम लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। व्यापारियों ने बिहार सरकार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव, पटना के जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। कन्हौली बाजार में बैठक कर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई, जिसके बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ा।


लगातार विरोध और जनदबाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने आंशिक राहत का फैसला लिया। प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से दिन में व्यापारिक गतिविधियां फिर से गति पकड़ेंगी और आम लोगों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी। वहीं, रात में सड़क खाली रहने से निर्माण कार्य तेज़ी से और सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सकेगा।


प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे निर्धारित समय और वैकल्पिक मार्गों का पालन करें तथा यातायात व्यवस्था में सहयोग दें। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी विशेष परिस्थिति में यातायात नियमों में अस्थायी बदलाव किया जा सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास कार्यों के दौरान आम जनता और व्यापारियों को न्यूनतम परेशानी हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए।