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बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाया जाएगा सुरक्षा का पाठ, बच्चों को दी जाएगी स्पेशल ट्रेनिंग; आपदा से निपटने के लिए होंगे ट्रेंड

Bihar News: बिहार सरकार ने 80 हजार सरकारी स्कूलों में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम लागू किया। बच्चों को आग, लू, भूकंप, सड़क दुर्घटना जैसी आपदाओं से निपटने के लिए मॉक ड्रिल सहित प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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प्रतिकात्मक तस्वीर
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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य के 80 हजार सरकारी विद्यालयों में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम लागू करने का फैसला किया है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को आग, लू, भूकंप, बाढ़ और अन्य आपदाओं से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना है।


प्रत्येक विद्यालय में आपदा प्रबंधन समिति का गठन किया जाएगा और बच्चों के बीच बाल प्रेरकों का चयन किया जाएगा। चयनित बाल प्रेरकों को उनके कर्तव्यों और आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें अगलगी, सड़क दुर्घटना, भगदड़, सर्पदंश, पेयजल, स्वच्छता, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य और पोषण शामिल हैं।


छात्र-छात्राओं को आग और लू से बचाव का पाठ पढ़ाया जाएगा और हर शनिवार मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। मॉक ड्रिल में बच्चों को रुकना, लेटना और लुढ़कना जैसे अभ्यास करवाए जाएंगे। इसके अलावा उन्हें आग लगने के कारणों, बचाव के उपाय, सावधानियों और खतरनाक आदतों से बचाव के बारे में जानकारी दी जाएगी। उदाहरण के लिए, दीपक, दीया, लालटेन या मोमबत्ती को ऐसी जगह न रखना जहां गिर कर आग लगने की संभावना हो, तेज हवा में खाना न बनाना, अधजली बीड़ी या सिगरेट न फेंकना, और ट्रेनों या बसों में ज्वलनशील पदार्थ न ले जाना।


विद्यालयों में आपदा प्रबंधन समिति में बाल प्रेरकों के अलावा शिक्षक, अभिभावक और विद्यालय शिक्षा समिति के तीन सदस्य भी शामिल होंगे। समिति का आकार अधिकतम 12-13 सदस्य होगा। इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद और राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद के सहयोग से तैयार की गई पाठ्य सामग्री के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता